Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Apr, 2026 08:21 PM

जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा पर महिला आरक्षण विधेयक के मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 22 सितंबर, 2023 को महिला...
जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा पर महिला आरक्षण विधेयक के मामले में राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 22 सितंबर, 2023 को महिला आरक्षण विधेयक पारित करने के बाद इसका लाभ महिलाओं को देने में जानबूझकर देरी की।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में आवाज उठाई है। 1996 में कांग्रेस ने महिला आरक्षण विधेयक संसद में पेश किया था और 2010 में यूपीए सरकार ने इसे राज्यसभा में पारित किया था। लेकिन भाजपा और उनके सहयोगी दलों ने हमेशा इसका विरोध किया। हालांकि, 2023 में महिला आरक्षण बिल पास होने के बाद, कांग्रेस और समस्त विपक्षी दलों ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए समर्थन दिया, जबकि भाजपा ने इसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की।
उन्होंने यह भी कहा कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने के तीन साल बाद भी, भाजपा ने इसे लागू करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस दौरान, सरकार ने 2021 की जनगणना नहीं करवाई, और महिला आरक्षण बिल के लागू होने के तीन साल बाद भी, इसका गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया था। डोटासरा ने सवाल उठाया कि यदि भाजपा महिला आरक्षण लागू करने के लिए गंभीर थी तो उसने यह बिल तीन साल बाद क्यों लागू किया?
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष सारिका सिंह ने कहा कि भाजपा ने हमेशा महिलाओं को निराश किया है। मणिपुर, उन्नाव और हाथरस जैसी घटनाओं पर प्रधानमंत्री ने चुप्पी साधी और महिला पहलवानों के साथ हुए दुव्र्यवहार पर भी भाजपा की कोई महिला नेता आवाज नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस अब इस मुद्दे पर प्रदेशभर में जन जागरूकता अभियान चलाएगी और भाजपा के महिला विरोधी दृष्टिकोण को उजागर करेगी।
डोटासरा ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक भाजपा के षड्यंत्र को उजागर करेगी और महिला आरक्षण लागू करने के लिए भाजपा से जवाब मांगेगी।