Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 04 Jun, 2026 09:04 AM

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास आज लेंगे समीक्षा बैठक, अटकी भर्तियों की बाधाएं हटाने की तैयारी; कर्मचारियों-पेंशनर्स को महंगाई भत्ते का भी बड़ा तोहफा
जयपुर। राजस्थान के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार विभिन्न विभागों में लंबे समय से लंबित भर्तियों को लेकर एक्शन मोड में आ गई है। प्रदेश में 1.19 लाख से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास गुरुवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे।
सरकार प्रधानमंत्री के ‘रोजगार अभियान’ मॉडल की तर्ज पर राज्य में भी नियुक्ति प्रक्रियाओं को गति देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पहले चरण में 10 प्रमुख विभागों को शामिल किया गया है। बैठक में लंबित भर्तियों की वर्तमान स्थिति, वित्तीय स्वीकृतियां, मेडिकल जांच, मेरिट निर्धारण और अन्य प्रशासनिक बाधाओं की समीक्षा की जाएगी।
राज्य सरकार जिन प्रमुख भर्तियों को प्राथमिकता दे रही है, उनमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती के 53,749 पद, सफाई कर्मचारी भर्ती के 25,000 पद, पुलिस कांस्टेबल भर्ती के 24,793 पद, ग्राम विकास अधिकारी (VDO) भर्ती के 9,000 पद, जलदाय विभाग में इंजीनियरों के 3,430 पद, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ के 2,000 पद, हेल्थ ऑफिसर के 600 पद, शारीरिक शिक्षक के 600 पद तथा अधिशासी अधिकारी के 32 पद शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार पुलिस विभाग में 300 अतिरिक्त उप निरीक्षक (SI) और 9 हजार कांस्टेबल पदों की वित्तीय स्वीकृति का मामला भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहेगा। वहीं तीन बार अटक चुकी सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर नियमों में आवश्यक संशोधन पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
सरकार का उद्देश्य है कि भर्ती प्रक्रियाओं में आ रही तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों को जल्द दूर कर युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराया जाए। मुख्य सचिव संबंधित विभागों से यह भी जानेंगे कि वित्तीय स्वीकृति, दस्तावेज सत्यापन, मेडिकल परीक्षण और मेरिट सूची जारी करने में अब तक कितनी प्रगति हुई है।
इधर राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्णय के बाद पांचवें और छठे वेतनमान के अंतर्गत महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी गई है।
उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने वित्त विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके तहत पांचवें वेतनमान में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दी गई है, जबकि छठे वेतनमान में यह 257 प्रतिशत से बढ़कर 262 प्रतिशत हो गई है।
सरकारी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक का एरियर उनके जीपीएफ, जीपीएफ-2004 और जीपीएफ-एसएबी खातों में जमा किया जाएगा। वहीं इसके बाद की राशि नियमित वेतन में जुड़कर मिलेगी। पेंशनर्स को बढ़ी हुई महंगाई राहत का भुगतान एरियर के रूप में नकद किया जाएगा।
सरकार के इन फैसलों से जहां एक ओर युवाओं को रोजगार की उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिलने जा रही है।