राजस्थान में कमर्शियल गैस सिलेंडर 3000 रुपए के पार, जानें हर शहर की नई दरें

Edited By Anil Jangid, Updated: 01 May, 2026 06:47 PM

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जयपुर। राजस्थान की जनता के लिए मई 2026 की शुरुआत बेहद महंगी साबित हुई है। 1 मई से कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 Kg) की कीमतों में ₹993 की भारी वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में सिलेंडर की कीमत ₹3,200 के पार पहुंच गई है। इससे रेस्टोरेंट...

जयपुर। राजस्थान की जनता के लिए मई 2026 की शुरुआत बेहद महंगी साबित हुई है। 1 मई से कमर्शियल गैस सिलेंडर (19 Kg) की कीमतों में ₹993 की भारी वृद्धि की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में सिलेंडर की कीमत ₹3,200 के पार पहुंच गई है। इससे रेस्टोरेंट मालिक, कैटरर्स और छोटे खाद्य उद्योगों के सामने अस्तित्व संकट खड़ा हो गया है।

 

राज्य के विभिन्न शहरों में कीमतें भौगोलिक और ट्रांसपोर्टेशन लागत के आधार पर अलग-अलग हैं। प्रदेश में सबसे महंगा सिलेंडर प्रतापगढ़ में ₹3,205.00 का बिक रहा है। वहीं अजमेर में यह सिलेंडर ₹3,051.50 में उपलब्ध है, जो राज्य में सबसे कम दर है। राजधानी जयपुर में कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत ₹3,099.00 निर्धारित की गई है।

 

इस बढ़ोतरी के बाद प्रदेश के मध्यमवर्गीय परिवारों में चिंता का माहौल है। आम तौर पर देखा गया है कि कमर्शियल गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के कुछ ही समय बाद घरेलू गैस सिलेंडरों (14.2 Kg) की कीमतों में भी बदलाव किया जाता है। फिलहाल घरेलू गैस की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन चर्चा तेज है कि अगली बढ़ोतरी आम आदमी की रसोई तक पहुंचेगी।

 

इस बढ़ोतरी का असर स्ट्रीट फूड और छोटे उद्योगों पर भी पड़ा है। राजस्थान के मशहूर समोसे, कचौड़ी और अन्य स्नैक्स की लागत में 30-40% तक इजाफा हो सकता है। होटल-रेस्टोरेंट एसोसिएशन का कहना है कि बिजली और मसालों की बढ़ती कीमतों के बाद गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी मेन्यू रेट्स पर असर डाल सकती है। पेठा, नमकीन और अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा, जिससे आम उपभोक्ता महंगाई की मार झेलने को तैयार रहें।

 

राजनीतिक स्तर पर भी इस बढ़ोतरी को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने इसे ‘वोट लेने के बाद का रिटर्न गिफ्ट’ करार दिया, जबकि भाजपा समर्थकों का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में अस्थिरता के कारण यह निर्णय अनिवार्य था।

 

इस बढ़ोतरी ने राजस्थान के व्यवसायियों और आम जनता दोनों के लिए आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है। आने वाले महीनों में घरेलू गैस और खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर निगाहें बनी रहेंगी।

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