Edited By Ishika Jain, Updated: 17 Apr, 2026 08:55 AM

केंद्र सरकार द्वारा शुरू की जा रही डिजिटल जनगणना की आड़ में साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। आमजन को ठगी से बचाने के लिए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह के निर्देशानुसार साइबर क्राइम शाखा ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी...
जयपुर, 16 अप्रैल। केंद्र सरकार द्वारा शुरू की जा रही डिजिटल जनगणना की आड़ में साइबर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। आमजन को ठगी से बचाने के लिए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह के निर्देशानुसार साइबर क्राइम शाखा ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। साइबर अपराधी जनगणना अधिकारी बनकर संदिग्ध लिंक या फर्जी कॉल के जरिए लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा सकते हैं।
ऐसे में किसी भी प्रकार की साइबर ठगी से बचने के लिए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम वीके सिंह के निर्देशानुसार क्राइम शाखा ने एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। जिसमें बताया गया है कि आमजन को अपने ठगी के जाल में फंसाने के लिए लिए अपराधी क्या क्या तरीके अपना रहे है। उनमें से ये 3 तरीके सबसे ज्यादा उपयोग किए जा रहे है:-
1. फर्जी कॉल
अपराधी खुद को जनगणना अधिकारी बताकर आपके परिवार की जानकारी, आधार और बैंक डिटेल्स मांगते हैं। वे AnyDesk या TeamViewer जैसे स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवाकर आपके फोन का पूरा कंट्रोल ले लेते हैं और पल भर में बैंकिंग ऐप्स से पैसे उड़ा देते हैं।
2. घर पर दस्तक
कुछ मामलों में ठग घर आकर टैबलेट पर जानकारी भरने का नाटक करते हैं। वे सदस्यों की शिक्षा और सुविधाओं की जानकारी दर्ज करने के बहाने आपसे ओटीपी मांगते हैं, जो असल में आपके बैंक ट्रांजैक्शन का हो सकता है।
3. फर्जी एसएमएस लिंक
"अपनी जनगणना अपडेट करें, वरना सरकारी सुविधा बंद हो जाएगी" जैसे डरावने संदेशों के साथ एक लिंक भेजा जाता है। इस पर क्लिक करते ही आप साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।
क्या है सही प्रक्रिया?
उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा डिजिटल जनगणना के तहत Self-Enumeration (स्व-गणना) की सुविधा दी गई है। इसके लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट www.se.census.gov.in पर ही भरोसा करें।
उपमहानिरीक्षक पुलिस साइबर क्राइम शांतनु कुमार सिंह ने आगे बताया कि स्व-गणना की अवधि 01 मई 2026 से 15 मई 2026 है, ध्यान रखें जनगणना पूरी तरह निःशुल्क है; किसी भी प्रकार की फीस या भुगतान नहीं लिया जाता। यदि कोई वेरिफिकेशन कोड या QR Code के बहाने पैसे मांगे, तो वह अपराधी है।
खुद को सुरक्षित करने के लिए अपनाए ये तरीके:-
किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें
“फ्री राशन” या “सरकारी योजना” वाले मैसेज से सावधान रहें
किसी अनजान व्यक्ति को ओटीपी, बैंक डिटेल या आधार जानकारी न दें
घर आने वाले व्यक्ति का आईडी कार्ड जरूर जांचें
जिसकी संबंधित बीएलओ से पुष्टि करें
ठगी होने पर यहाँ करें तुरंत शिकायत
यदि आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी होती है या इसकी कोशिश की जाती है, तो बिना समय गंवाए हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर हेल्पडेस्क 9256001930/9257510100, ऑनलाइन पोर्टल https://cybercrime.gov.in तथा अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचित करें।