Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Feb, 2026 04:54 PM

जयपुर। राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस नेटवर्क में कंबोडिया समेत अन्य देशों से संबंध पाए गए हैं। अनूपगढ़ पुलिस ने इस मामले में सिम विक्रेताओं और साइबर ठगों के बीच नापाक गठजोड़...
जयपुर। राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराध के एक बड़े और अंतरराष्ट्रीय स्तर से जुड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस नेटवर्क में कंबोडिया समेत अन्य देशों से संबंध पाए गए हैं। अनूपगढ़ पुलिस ने इस मामले में सिम विक्रेताओं और साइबर ठगों के बीच नापाक गठजोड़ का पर्दाफाश किया। यह कार्रवाई साइबर अपराध की दुनिया में अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक मानी जा रही है।
जांच में पता चला कि अनूपगढ़ की 9 प्रमुख दुकानों ने नियमों को ताक पर रखकर बिना किसी पहचान और सत्यापन के 957 संदिग्ध सिम कार्ड जारी किए। इन सिम कार्डों के जरिए पूरे भारत में 17 करोड़ 14 लाख 86 हजार 564 रुपये की ऑनलाइन ठगी की गई। पुलिस ने बताया कि दुकानों के संचालक केवल कमीशन के लालच में इस गैरकानूनी काम में लिप्त थे।
जांच के तहत एफआईआर दर्ज की गई प्रमुख दुकानों में लोकेश मोबाइल, नवदीप टेलीकॉम, कमल मोबाइल शॉप, मान टेलीकॉम, श्रीराम टेलीकॉम, श्री श्याम टेलीकॉम, बालाजी इलेक्ट्रॉनिक्स, मान किराना स्टोर और परिहार टेलीकॉम शामिल हैं।
अनूपगढ़ थानाधिकारी ईश्वर प्रसाद जांगिड के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई ने सुरक्षा एजेंसियों के भी कान खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के नेटवर्क में सिम कार्डों का दुरुपयोग कर ऑनलाइन ठगी, डेटा चोरी और अन्य साइबर अपराधों को अंजाम दिया जाता है।
सभी आरोपी दुकानों और व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 सी व 66 डी के तहत संगीन मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई साइबर अपराध को रोकने के लिए एक स्पष्ट संदेश है और भविष्य में ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
राजस्थान पुलिस की इस सर्जिकल स्ट्राइक ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े साइबर ठगों का पर्दाफाश किया है, बल्कि आम जनता और व्यापारियों को भी सचेत किया है कि ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में सुरक्षा और सतर्कता बेहद आवश्यक है।