राजस्थान में राशन दुकानों के तराजू का होगा सत्यापन, 4 फरवरी से शुरू होगा विशेष अभियान

Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Feb, 2026 06:35 PM

verification drive of weighing machines at ration shops

जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले राशन में किसी भी प्रकार की कमी या अनियमितता को रोकने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने प्रदेश की सभी राशन दुकानों पर...

जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले राशन में किसी भी प्रकार की कमी या अनियमितता को रोकने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने प्रदेश की सभी राशन दुकानों पर तौलन यंत्रों के सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है। यह अभियान 4 फरवरी से पूरे प्रदेश में शुरू किया जाएगा।

 

मंत्री गोदारा ने विधिक माप-विज्ञान अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के लगभग 4.40 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को उनके अधिकार का पूरा राशन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि उचित तौल के साथ राशन उपलब्ध कराना विभाग का मुख्य कर्तव्य है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

इस विशेष अभियान के तहत राज्य की सभी उचित मूल्य दुकानों पर लगे तौलन यंत्रों और अन्य माप उपकरणों का विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 और विधिक माप विज्ञान (सामान्य) नियम 2011 के नियम 27(2सी) के अंतर्गत सत्यापन किया जाएगा। खास बात यह है कि राशन दुकानों पर पोस मशीन से जुड़े तौलन यंत्रों की भी जांच की जाएगी, ताकि डिजिटल सिस्टम और वास्तविक तौल में किसी प्रकार का अंतर न रहे।

 

अभियान के दौरान आगामी एक माह में जिला रसद अधिकारी ब्लॉक और तहसील स्तर पर सत्यापन शिविर (Verification Camps) आयोजित करेंगे। इन शिविरों में विधिक माप विज्ञान अधिकारी तौलन यंत्रों का निरीक्षण, सत्यापन और मुद्रांकन करेंगे। तौलन यंत्रों की आपूर्तिकर्ता फर्मों द्वारा सत्यापन के लिए आवेदन और निर्धारित शुल्क की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी।

 

मंत्री ने सभी जिला रसद अधिकारियों, विधिक माप विज्ञान अधिकारियों और राजस्थान खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड को मिशन मोड में इस अभियान को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राशन वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की सेंधमारी न हो और पात्र लाभार्थियों को पूरा गेहूं व अन्य खाद्य सामग्री सही मात्रा में मिले।
 

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