Edited By Anil Jangid, Updated: 01 Feb, 2026 05:50 PM

जयपुर। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर राजस्थान में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रवक्ता राजेश कटारा ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह बजट न सिर्फ...
जयपुर। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट को लेकर राजस्थान में राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं प्रवक्ता राजेश कटारा ने बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताते हुए कहा कि यह बजट न सिर्फ किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है, बल्कि इसमें राजस्थान के साथ खुला सौतेला व्यवहार किया गया है।
कटारा ने कहा कि वर्षों से लंबित ईआरसीपी (पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने की मांग लगातार की जा रही थी, लेकिन इस बजट में भी सरकार ने राजस्थान की जनता की पीठ पर छुरा घोंपने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ईआरसीपी से जुड़े 13 जिलों की करोड़ों जनता को अब भी केंद्र सरकार की बेरुखी का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने आगे कहा कि जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान जैसे जल संकटग्रस्त राज्य के लिए किसी भी प्रकार का विशेष पैकेज या अतिरिक्त सहायता की घोषणा नहीं की गई, जबकि राज्य के कई जिले आज भी गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं।
कटारा ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की टूरिस्ट हब योजना में राजस्थान के किसी भी शहर को शामिल नहीं किया गया, जबकि राज्य देश-विदेश में पर्यटन के लिए पहचान रखता है। जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर और माउंट आबू जैसे शहरों को नजरअंदाज करना राजस्थान के साथ भेदभाव का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन विशेष परियोजना में भी राजस्थान के किसी उत्पाद को शामिल नहीं किया गया, जबकि यहां बाजरा, सरसों, जीरा, मूंगफली और दालों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है।
कटारा ने यह भी कहा कि देश के अन्य राज्यों के लिए जहां हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और फ्रेट कॉरिडोर की घोषणाएं की गई हैं, वहीं राजस्थान को इन योजनाओं से पूरी तरह बाहर रखा गया है, जिससे राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
अंत में उन्होंने कहा कि यह बजट एक बार फिर साबित करता है कि केंद्र सरकार केवल चुनावी राज्यों पर ध्यान देती है। शायद राजस्थान को उसका हक 2028 के बजट में ही मिलेगा, जब चुनावी साल में केंद्र सरकार को यहां की याद आएगी।
-राजेश कटारा, सचिव एवं प्रवक्ता, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी