जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का वैश्विक विस्तार: स्पेन में ‘जेएलएफ व्लादोलिद 2026’ का ऐलान

Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Jan, 2026 12:29 PM

jaipur literature festival announces jlf valladolid 2026 in spain

जयपुर। विश्व के प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजनों में शामिल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) ने अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए स्पेन में ‘जेएलएफ व्लादोलिद 2026’ के आयोजन की औपचारिक घोषणा की है। यह घोषणा भारत और स्पेन...

जयपुर। विश्व के प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजनों में शामिल जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) ने अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए स्पेन में ‘जेएलएफ व्लादोलिद 2026’ के आयोजन की औपचारिक घोषणा की है। यह घोषणा भारत और स्पेन के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

 

यह आयोजन ऐसे समय में घोषित किया गया है, जब भारत और स्पेन वर्ष 2026 को भारत–स्पेन द्विपक्षीय सांस्कृतिक, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्ष के रूप में मनाने जा रहे हैं। यह वर्ष दोनों देशों के बीच स्थापित 70 वर्षों के राजनयिक संबंधों का भी प्रतीक है। ऐसे में जेएलएफ व्लादोलिद 2026 दोनों देशों के बीच साहित्य, कला, विचार और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को एक नया आयाम देगा।

 

इस महत्वपूर्ण घोषणा को टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के. रॉय ने किया। इस अवसर पर स्पेन की प्रमुख सांस्कृतिक हस्तियां ब्लांका जिमेनेज़, गिलर्मो और एंटोनियो लार्गो भी मौजूद रहीं। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि जेएलएफ व्लादोलिद केवल एक साहित्यिक महोत्सव नहीं होगा, बल्कि यह भारत और स्पेन के बीच साझा विरासत, लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक संवाद को मजबूत करने वाला मंच बनेगा।

 

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह फेस्टिवल साहित्य के साथ-साथ कला, विचार, इतिहास, समकालीन वैश्विक मुद्दों और भविष्य-केंद्रित विषयों जैसे नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी संवाद को बढ़ावा देगा। इससे दोनों देशों के लेखकों, विचारकों, कलाकारों और पाठकों के बीच गहन सांस्कृतिक आदान–प्रदान संभव हो सकेगा।

 

‘जेएलएफ व्लादोलिद 2026’ का आयोजन 11 से 14 जून 2026 तक स्पेन के ऐतिहासिक शहर व्लादोलिद में किया जाएगा। यह फेस्टिवल भारत और स्पेन के बीच वर्ष भर चलने वाले संयुक्त कार्यक्रमों और पहलों की श्रृंखला का अहम हिस्सा होगा। आयोजकों का मानना है कि यह पहल जेएलएफ को एक सच्चे वैश्विक साहित्यिक मंच के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी तथा भारत की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।

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