राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, बैटरी स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के निर्देश

Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 12 Aug, 2026 02:25 PM

rajasthan energy minister heerala nagar battery storage pm surya gh

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने की समीक्षा बैठक, PM सूर्यघर योजना में 3 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य

जयपुर। ऊर्जा मंत्री श्री हीरालाल नागर ने प्रदेश को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ऊर्जा उत्पादन के साथ-साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पीक ऑवर्स में बिजली की बढ़ती मांग को राज्य अपने संसाधनों से पूरा कर सकेगा।

विद्युत भवन में आयोजित ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री ने प्रदेश में विद्युत आपूर्ति, आरडीएसएस, पीएम सूर्यघर योजना, ग्रिड सब-स्टेशनों और विद्युत तंत्र को मजबूत करने वाली विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

3 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य

ऊर्जा मंत्री ने PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत यूटिलिटी लेड एग्रीगेशन मॉडल के माध्यम से 3 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को गति देने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की वर्ष 2027 तक सभी जिलों में कृषि क्षेत्र को दिन में बिजली उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता के अनुरूप विद्युत तंत्र को मजबूत किया जाए।

26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली

ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने बताया कि तीनों डिस्कॉम्स ने पायलट आधार पर 172 मेगावाट/688 मेगावाट ऑवर बैटरी भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। वहीं उत्पादन निगम और अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा 12,400 मेगावाट ऑवर क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति से जोड़ा जा चुका है। शेष जिलों में ट्रांसमिशन क्षमता बढ़ाने, लाइनों के विस्तार और नए सब-स्टेशन निर्माण का कार्य जारी है।

जुलाई में बिजली की खपत 22 प्रतिशत बढ़ी

ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक शिवप्रसाद नकाते ने बताया कि 18 जुलाई को प्रदेश में रिकॉर्ड 4040 लाख यूनिट बिजली खपत बिना किसी व्यवधान के पूरी की गई। जुलाई में दैनिक औसत खपत 3369 लाख यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में अधिकतम डिमांड 18,164 मेगावाट रही, जो पिछले साल जुलाई के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक है।

बैठक में स्मार्ट मीटर, ग्रिड सब-स्टेशनों और विद्युत तंत्र को सुदृढ़ करने वाली परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!