Edited By Anil Jangid, Updated: 05 Feb, 2026 03:00 PM

जयपुर: जयपुर के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए पेयजल संकट की संभावना बढ़ गई है। विधायक सुरेश मोदी ने राजस्थान विधानसभा में चेतावनी दी कि अगर बिजली विभाग ने 31 मार्च से पहले बकाया बिलों के नाम पर ग्राम पंचायतों के नलकूपों (Tubewells) के...
जयपुर: जयपुर के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए पेयजल संकट की संभावना बढ़ गई है। विधायक सुरेश मोदी ने राजस्थान विधानसभा में चेतावनी दी कि अगर बिजली विभाग ने 31 मार्च से पहले बकाया बिलों के नाम पर ग्राम पंचायतों के नलकूपों (Tubewells) के कनेक्शन काटे, तो गंभीर स्थिति उत्पन्न होगी। उन्होंने कहा कि इससे न केवल लोगों के लिए पीने का पानी मुश्किल से उपलब्ध होगा, बल्कि पशुओं को भी पानी नहीं मिलेगा और ग्रामीण महिलाएं पानी की बूंद-बूंद के लिए कई किलोमीटर भटकने को मजबूर होंगी।
सुरेश मोदी ने विधानसभा में बताया कि यह संकट वित्तीय वर्ष की समाप्ति और बिजली विभाग के रेवेन्यू टारगेट पूरा करने के दबाव के कारण पैदा हुआ है। ग्राम पंचायतों के पास नलकूपों के भारी बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए पर्याप्त बजट नहीं है। उन्होंने पिछले साल का उदाहरण देते हुए कहा कि पिछली सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए पंचायतों के बकाया बिल खुद भरे थे, लेकिन इस बार नीतिगत निर्णयों के बीच मामला अटका हुआ है।
विधायक मोदी ने कहा कि पानी कोई विलासिता नहीं बल्कि हर नागरिक का मूलभूत अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि नलकूपों के कनेक्शन काटने से ग्रामीण स्वच्छता, कृषि और आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित होगा। उन्होंने सरकार से दो बड़े समाधान प्रस्तावित किए:
सरकार खुद बकाया बिल भरे – राज्य सरकार नलकूपों के बकाया बिजली बिल का भुगतान करे ताकि पंचायतों पर आर्थिक बोझ न पड़े।
बिजली विभाग को निर्देश – पेयजल आपूर्ति के लिए इस्तेमाल होने वाले किसी भी नलकूप का कनेक्शन बकाया के नाम पर न काटा जाए।
विधायक के अनुसार, अगर यह चेतावनी नजरअंदाज की गई तो ग्रामीण इलाकों में भयंकर जल संकट पैदा हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण जनता और पशु-पक्षियों की जीवनरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाना आवश्यक है।
ग्रामीण क्षेत्र के लोग अब प्रशासन से सक्रिय हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि आने वाले दिनों में जल संकट और पंचायतों की वित्तीय समस्याओं से निपटने के लिए ठोस और समयबद्ध कदम उठाए जाएँ।