Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Feb, 2026 02:36 PM

जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत का मामला जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने सरकार से जांच और कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। यह मामला पिछले वर्ष अक्टूबर का है, जब कफ सिरप के सेवन के बाद चार बच्चों की मौत हो गई थी।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत का मामला जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने सरकार से जांच और कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। यह मामला पिछले वर्ष अक्टूबर का है, जब कफ सिरप के सेवन के बाद चार बच्चों की मौत हो गई थी।
कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने सरकार से इस मुद्दे पर सफाई मांगी। हालांकि चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने इसे प्रश्नकाल से असंबंधित बताते हुए जवाब देने से इनकार किया। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी कहा कि विपक्ष नियमों के तहत अलग से चर्चा ला सकता है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि यह दवा निशुल्क दवा योजना के तहत वितरित की गई थी, इसलिए सरकार को जवाब देना चाहिए। इसके बाद चिकित्सा मंत्री ने कहा कि बच्चों की मौत कफ सिरप से नहीं बल्कि ओवरडोज और अन्य बीमारियों के कारण हुई थी।
मंत्री के अनुसार, दो साल से कम उम्र के बच्चों को गलती से बड़ी उम्र के बच्चों की दवा दे दी गई, जिसमें कोडीन जैसे केमिकल थे। उन्होंने यह भी कहा कि यह दवा सरकारी डॉक्टर द्वारा प्रिस्क्राइब नहीं की गई थी और कुछ बच्चों को पहले से अन्य बीमारियां थीं। मंत्री ने दावा किया कि सरकार के पास विस्तृत जांच रिपोर्ट मौजूद है।