जयपुर में बड़ा फ्रॉड: डॉक्टर की पहचान चुराकर 4.37 करोड़ के 36 लोन उठाए!

Edited By Payal Choudhary, Updated: 31 Mar, 2026 04:36 PM

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राजधानी जयपुर में पहचान चोरी (Identity Theft) का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी डॉक्टर के नाम पर 4.37 करोड़ रुपए के 36 अलग-अलग लोन उठा लिए गए। यह फ्रॉड तब उजागर हुआ जब डॉक्टर ने अपनी CIBIL Score रिपोर्ट निकलवाई और उसमें दर्ज लोन...

राजधानी जयपुर में पहचान चोरी (Identity Theft) का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक सरकारी डॉक्टर के नाम पर 4.37 करोड़ रुपए के 36 अलग-अलग लोन उठा लिए गए। यह फ्रॉड तब उजागर हुआ जब डॉक्टर ने अपनी CIBIL Score रिपोर्ट निकलवाई और उसमें दर्ज लोन की डिटेल देखकर हैरान रह गए।

पीड़ित डॉक्टर, जो SMS Hospital Jaipur में कार्यरत हैं, ने 27 मार्च को गांधी नगर थाने में इस मामले की FIR दर्ज करवाई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

 

 कैसे हुआ करोड़ों का खेल?

SHO भजनलाल के अनुसार, डॉक्टर के PAN कार्ड का दुरुपयोग कर जालसाजों ने अलग-अलग बैंकों और फाइनेंस कंपनियों से कुल 36 लोन ले लिए।

सबसे हैरानी की बात यह है कि—
 ये सभी लोन डॉक्टर की जानकारी के बिना लिए गए
 कई लोन की किस्तें नियमित रूप से भरी भी जा रही हैं

यह दर्शाता है कि आरोपी बेहद सुनियोजित तरीके से इस फ्रॉड को अंजाम दे रहा था।

 

 किन-किन बैंकों से लिया गया लोन?

CIBIL रिपोर्ट के अनुसार, जालसाज ने कई बड़े बैंक और वित्तीय संस्थानों को भी धोखा दिया। इनमें शामिल हैं—

  • State Bank of India
  • HDFC Bank
  • Bank of Baroda
  • Canara Bank
  • Citibank
  • Bajaj Finance

इन संस्थानों से पर्सनल लोन, बिजनेस लोन, हाउसिंग लोन, गोल्ड लोन और क्रेडिट सुविधाएं ली गईं।

कुल राशि करीब 4 करोड़ 37 लाख 34 हजार रुपए बताई गई है।

 

 CIBIL रिपोर्ट से खुला राज

डॉक्टर को इस फ्रॉड का पता तब चला जब बजाज नगर स्थित इंडियन बैंक शाखा की ओर से उनके PAN नंबर पर CIBIL रिपोर्ट जनरेट की गई।

रिपोर्ट में—

  • कई लोन अकाउंट्स दर्ज थे
  • कई लोन ओपन और क्लोज दिखाए गए
  • कस्टमर डिटेल भी गलत थीं

डॉक्टर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इनमें से कोई भी लोन नहीं लिया है।

 

 पहचान चोरी या सिस्टम की बड़ी खामी?

मामले में दो संभावनाएं सामने आई हैं—

  1. किसी व्यक्ति ने PAN कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी पहचान बनाई
  2. या फिर CIBIL और बैंकिंग सिस्टम में गंभीर तकनीकी खामी

डॉक्टर ने CIBIL से संपर्क करने की कोशिश भी की, लेकिन वहां से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

शक यह भी है कि जालसाज ने CIBIL पर फर्जी अकाउंट बनाकर खुद ही ईमेल के जरिए कम्युनिकेशन संभाला।

 

पुलिस जांच में जुटी

गांधी नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब—

  • सभी 36 लोन अकाउंट्स की डिटेल निकाल रही है
  • संबंधित बैंकों को नोटिस भेज चुकी है
  • जालसाज की पहचान करने की कोशिश कर रही है

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने समान नाम और PAN का इस्तेमाल कर यह फ्रॉड किया।

 

 क्या होता है CIBIL स्कोर?

CIBIL स्कोर एक व्यक्ति की क्रेडिट हिस्ट्री पर आधारित स्कोर होता है, जिसे TransUnion CIBIL तैयार करता है।

 यह बताता है कि व्यक्ति लोन और क्रेडिट कार्ड की भुगतान क्षमता कितनी जिम्मेदारी से निभाता है।

बैंक हर महीने—

  • लोन
  • क्रेडिट कार्ड
  • भुगतान और डिफॉल्ट की जानकारी
    CIBIL को भेजते हैं।

इसी आधार पर स्कोर तैयार होता है, जो लोन लेने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

 

 सावधानी बेहद जरूरी

यह मामला आम लोगों के लिए भी एक बड़ा अलर्ट है।

 PAN, आधार और बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें
 समय-समय पर अपनी CIBIL रिपोर्ट चेक करें
 संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस में शिकायत करें

 

 निष्कर्ष

जयपुर का यह मामला दिखाता है कि डिजिटल और बैंकिंग सिस्टम में जरा सी लापरवाही कितने बड़े फ्रॉड का कारण बन सकती है।

एक डॉक्टर के नाम पर करोड़ों का लोन उठाया जाना केवल एक व्यक्ति का नुकसान नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है। अब देखना होगा कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल फ्रॉड के मास्टरमाइंड तक कब पहुंचती है।

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