Edited By Anil Jangid, Updated: 17 Jan, 2026 07:04 PM

जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के चारबाग परिसर में आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2026 की आधिकारिक तारीखों की घोषणा की गई। आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 11 से 13 दिसंबर 2026 तक ऐतिहासिक जयगढ़ किले...
जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (जेएलएफ) के चारबाग परिसर में आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2026 की आधिकारिक तारीखों की घोषणा की गई। आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 11 से 13 दिसंबर 2026 तक ऐतिहासिक जयगढ़ किले में आयोजित किया जाएगा। इस घोषणा के साथ ही सांस्कृतिक जगत और विरासत प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इस विशेष सत्र में जयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य सवाई पद्मनाभ सिंह, वेदांता लिमिटेड की डायरेक्टर (कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस एवं कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) रितु झिंगोन और टीमवर्क आर्ट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर संजॉय के. रॉय उपस्थित रहे। सत्र के दौरान वक्ताओं ने जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल के उद्देश्य, दृष्टिकोण और सांस्कृतिक महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
सवाई पद्मनाभ सिंह ने जयगढ़ किले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महाराजा जय सिंह द्वारा निर्मित जयगढ़ किला शक्ति, रणनीति और शौर्य का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इस किले में सदियों का इतिहास समाहित है और जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल का उद्देश्य इस ऐतिहासिक धरोहर को एक जीवंत सांस्कृतिक मंच के रूप में पुनर्जीवित करना है। यह फेस्टिवल किले की वास्तुकला, इतिहास और सांस्कृतिक महत्व का उत्सव होगा।
टीमवर्क आर्ट्स के संजॉय के. रॉय ने फेस्टिवल के सांस्कृतिक विज़न पर जोर देते हुए कहा कि जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल विरासत, कला, संवाद और समुदाय को एक साझा मंच प्रदान करेगा। उन्होंने इसे जयपुर को एक ‘ग्लोबल कल्चरल डेस्टिनेशन’ के रूप में और अधिक मजबूत करने वाला कदम बताया।
वेदांता लिमिटेड की ओर से रितु झिंगोन ने कहा कि संस्कृति, विरासत संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के प्रति वेदांता की प्रतिबद्धता जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के मूल्यों से पूरी तरह मेल खाती है। उन्होंने इस साझेदारी को दीर्घकालिक और सार्थक बताया।
जयगढ़ हेरिटेज फेस्टिवल 2026 को एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजन के रूप में देखा जा रहा है, जो जयपुर की राजसी विरासत को सम्मान देते हुए जयगढ़ किले को संवाद, प्रस्तुतियों और अनुभवों का जीवंत केंद्र बनाएगा।