राजस्थान पुलिस की चेतावनी: आपने 5 लाख जीते वाले मैसेज से रहें सावधान, एक क्लिक में खाली हो सकता है खाता

Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Sep, 2026 04:19 PM

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जयपुर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान पुलिस ने लोगों को इनाम और लॉटरी के नाम पर भेजे जाने वाले फर्जी मैसेज, कॉल और लिंक से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस की ओर से जारी साइबर सुरक्षा संदेश में बताया गया है कि आपने 5 लाख रुपए जीते हैं,...

जयपुर। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच राजस्थान पुलिस ने लोगों को इनाम और लॉटरी के नाम पर भेजे जाने वाले फर्जी मैसेज, कॉल और लिंक से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस की ओर से जारी साइबर सुरक्षा संदेश में बताया गया है कि आपने 5 लाख रुपए जीते हैं, जैसे संदेश ठगी का माध्यम हो सकते हैं। ऐसे किसी भी अनजान मैसेज या लिंक पर तुरंत भरोसा करने के बजाय पहले उसकी सत्यता जांचने की सलाह दी गई है।

 

साइबर ठग लोगों को लालच देकर अपने जाल में फंसाने के लिए इनाम, लॉटरी, कार या बड़ी रकम जीतने का दावा करते हैं। इसके बाद पीड़ित को किसी लिंक पर क्लिक करने या दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जाता है। लिंक खोलने पर फर्जी वेबसाइट सामने आ सकती है, जहां टैक्स, जीएसटी, प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन या डिलीवरी चार्ज के नाम पर रकम मांगी जाती है।

 

कैसे काम करता है इनाम का ठगी वाला जाल?
ठग एसएमएस, व्हाट्सएप मैसेज या फोन कॉल के जरिए लोगों से संपर्क कर सकते हैं। संदेश में लिखा होता है कि संबंधित व्यक्ति ने लाखों रुपए या कोई महंगा वाहन जीता है। इनाम प्राप्त करने के लिए लिंक खोलने या किसी नंबर पर संपर्क करने को कहा जाता है।

 

कुछ मामलों में कूरियर के माध्यम से स्क्रैच कूपन भेजे जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। कूपन पर लाखों रुपए या कार का इनाम दिखाकर लोगों को विश्वास में लेने की कोशिश की जाती है। इसके बाद इनाम जारी करने के नाम पर अलग-अलग शुल्क मांगे जाते हैं। रकम जमा करने के बाद ठग संपर्क बंद कर देते हैं।

 

अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
राजस्थान पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। इसके अलावा किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम या डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी और अन्य संवेदनशील विवरण साझा नहीं करना चाहिए।

 

साइबर सुरक्षा के लिए एक सरल मंत्र अपनाने की सलाह दी गई है—रुकें, जांचें और फिर क्लिक करें। किसी इनाम का दावा करने से पहले संबंधित कंपनी या संस्था की आधिकारिक वेबसाइट अथवा आधिकारिक माध्यम से जानकारी सत्यापित करनी चाहिए।

 

ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है तो उसे तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार 1930 साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की तत्काल रिपोर्टिंग के लिए 24 घंटे उपलब्ध हेल्पलाइन है।

 

संदिग्ध मोबाइल नंबर, वेबसाइट, व्हाट्सएप नंबर, ईमेल या अन्य साइबर पहचान की रिपोर्टिंग के लिए भी राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर सुविधा उपलब्ध है।

 

जागरूकता ही सबसे जरूरी बचाव
साइबर ठगी में अक्सर लोगों को जल्दी निर्णय लेने के लिए दबाव बनाया जाता है। इनाम पाने की जल्दबाजी में व्यक्ति बिना जांच किए लिंक खोल सकता है या पैसे ट्रांसफर कर सकता है। इसलिए किसी भी अनजान इनाम संदेश को सत्यापित किए बिना उस पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए।

 

राजस्थान पुलिस की अपील का मूल संदेश यही है कि लालच में आकर जल्दबाजी न करें, अनजान लिंक से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत शिकायत करें। समय पर की गई शिकायत से संबंधित एजेंसियों को कार्रवाई शुरू करने में मदद मिल सकती है। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल भी वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 पर तत्काल रिपोर्ट करने की सलाह देता है।

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