भाजपा ने नियुक्त किए राज्यों के प्रभारी और सह प्रभारी, संजय भाटिया को राजस्थान की जिम्मेदारी

Edited By Anil Jangid, Updated: 23 Sep, 2026 03:29 PM

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जयपुर।: भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्तियां की हैं। पार्टी के इस संगठनात्मक फेरबदल में कई वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जयपुर: भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए नए प्रभारियों और सह प्रभारियों की नियुक्तियां की हैं। पार्टी के इस संगठनात्मक फेरबदल में कई वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजस्थान के लिए संजय भाटिया को प्रभारी बनाया गया है, जबकि कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।

 

राजस्थान में यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों के बाद राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियां तेज हैं। इससे पहले अगस्त में भाजपा ने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों के लिए हरीश द्विवेदी को चुनाव प्रभारी बनाया था और पांच नेताओं को सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी थी।

 

नई जिम्मेदारियों के तहत डॉ. सतीश पूनिया को जम्मू-कश्मीर का प्रभारी बनाया गया है। वहीं स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ और हरियाणा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंगल पांडे को असम का प्रभारी बनाया गया है, जबकि हरीश द्विवेदी को कर्नाटक और बिहार का प्रभारी बनाया गया है।

 

श्रीकांत शर्मा को हिमाचल प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है। राम माधव को उत्तराखंड और सुनील बंसल को तेलंगाना का प्रभारी बनाया गया है। दिल्ली की जिम्मेदारी डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे को दी गई है। वहीं डॉ. भारती प्रवीण पवार को गोवा का प्रभारी बनाया गया है।

 

इसके अलावा तरुण चुघ को गुजरात, गजेंद्र पटेल को झारखंड और प्रो. एम. नागराजा को केरल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजकुमार भाटिया को लद्दाख का प्रभारी बनाया गया है।

 

भाजपा में हाल के महीनों में राष्ट्रीय स्तर पर भी संगठनात्मक बदलाव हुए हैं। अगस्त में पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और डॉ. सतीश पूनिया को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। राजस्थान से राजेश मंगल और मन्नालाल रावत को भी राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारियां मिली थीं।

 

राजस्थान भाजपा के लिहाज से नई नियुक्ति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रदेश में नगर निकाय चुनावों के बाद अब पंचायत चुनाव से जुड़ी तैयारियां और संगठनात्मक गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। 23 सितंबर 2026 को राजस्थान भाजपा की प्रदेश स्तरीय विस्तारक बैठक भी हुई, जिसमें गांव-गांव तक पार्टी की योजनाओं और संगठनात्मक गतिविधियों को पहुंचाने पर जोर दिया गया।

 

राजस्थान में भाजपा संगठन के स्तर पर लगातार बदलाव और नई जिम्मेदारियों के बीच संजय भाटिया के सामने प्रदेश संगठन से जुड़े मामलों में समन्वय की जिम्मेदारी रहेगी। वहीं कविता पाटीदार और कुलजीत चहल सह प्रभारी के तौर पर संगठनात्मक कामकाज में सहयोग करेंगे।

 

भाजपा की ओर से विभिन्न राज्यों में प्रभारियों की नियुक्ति का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन, प्रदेश इकाइयों के साथ समन्वय और पार्टी के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना होता है। नई नियुक्तियों के बाद अलग-अलग राज्यों में पार्टी संगठन के स्तर पर आगामी गतिविधियों की रूपरेखा भी तय की जाएगी।

संजय भाटिया कौन हैं?
संजय भाटिया भाजपा के वरिष्ठ संगठनात्मक नेता हैं। वे मूल रूप से हरियाणा के पानीपत से हैं और लंबे समय से भाजपा की संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे आरएसएस पृष्ठभूमि से आते हैं और भाजपा में प्रदेश महामंत्री जैसे पदों पर भी रह चुके हैं।

संजय भाटिया का राजनीतिक सफर
2019: करनाल लोकसभा सीट से पहली बार सांसद निर्वाचित हुए।
2026: हरियाणा से राज्यसभा सांसद बने।
अगस्त 2026: भाजपा की राष्ट्रीय टीम में राष्ट्रीय महामंत्री नियुक्त किए गए।
उनके पास चुनाव प्रबंधन और संगठनात्मक काम का लंबा अनुभव है।
सितंबर 2026: भाजपा ने उन्हें राजस्थान का प्रभारी नियुक्त किया है। राजस्थान के लिए उनके साथ कविता पाटीदार और कुलजीत चहल को सह प्रभारी बनाया गया है।

 

राजस्थान के लिए उनकी नियुक्ति क्यों महत्वपूर्ण है?

संजय भाटिया की मुख्य पहचान संगठन और चुनाव प्रबंधन से जुड़ी रही है। इसलिए राजस्थान प्रभारी के तौर पर उनकी भूमिका प्रदेश भाजपा संगठन के साथ समन्वय, पार्टी के कार्यक्रमों और आगामी चुनावी-संगठनात्मक तैयारियों में महत्वपूर्ण रहेगी।

एक दिलचस्प तथ्य यह भी है कि 2019 में करनाल से उनकी जीत करीब 6.56 लाख वोटों के अंतर से हुई थी, जो उस लोकसभा चुनाव में देश की सबसे बड़ी जीतों में शामिल थी।

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