राजस्थान के आदिवासी इलाकों में CJP का आदिवासी स्कूल ठीक करो अभियान, स्कूलों की जमीनी हकीकत होगी दर्ज

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Sep, 2026 06:38 PM

cjp launches fix tribal schools campaign in rajasthan to document ground reality

जयपुर। राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है। CJP की ओर से ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान चलाने की बात कही गई है।

जयपुर। राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की स्थिति और शिक्षा से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक नया अभियान शुरू करने की घोषणा की गई है। CJP की ओर से ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान चलाने की बात कही गई है। अभियान के शुरुआती चरण में उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा सहित आदिवासी बहुल इलाकों के स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

CJP के अनुसार, अभियान का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में स्कूलों की वास्तविक स्थिति को समझना और वहां मौजूद बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को दस्तावेज के रूप में दर्ज करना है। संगठन की ओर से स्कूलों का दौरा कर भवन, कक्षाओं, शौचालय, पेयजल, बिजली और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति को देखा जाएगा।

 

अभियान के तहत कार्यकर्ता आदिवासी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों तक पहुंचेंगे और वहां की जमीनी परिस्थितियों को समझने का प्रयास करेंगे। स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, इसे भी दर्ज किया जाएगा। इसके जरिए स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और जरूरतों के बीच अंतर को सामने लाने की कोशिश की जाएगी।

 

CJP का कहना है कि स्कूल बच्चों के भविष्य की नींव होते हैं। ऐसे में शिक्षा के साथ-साथ स्कूलों में बेहतर आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता भी महत्वपूर्ण है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सरकारी स्कूल बड़ी संख्या में बच्चों के लिए शिक्षा का प्रमुख माध्यम हैं। इसलिए इन स्कूलों की स्थिति का जमीनी स्तर पर आकलन जरूरी माना जा रहा है।

 

अभियान को केवल सर्वे या जानकारी जुटाने तक सीमित नहीं रखने की बात भी कही गई है। CJP के मुताबिक, कार्यकर्ता स्कूलों में ‘उम्मीद का आशीर्वाद’ का दीया जलाकर अभियान को आगे बढ़ाएंगे। संगठन के अनुसार, यह दीया बेहतर शिक्षा और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद का प्रतीक होगा।

 

उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जैसे जिलों में अभियान के दौरान स्कूलों की सुविधाओं और कमियों को दर्ज किया जाएगा। इनमें स्कूल भवन की स्थिति, पर्याप्त कक्षाओं की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली और अन्य जरूरी संसाधनों से जुड़े विषय शामिल होंगे।

 

CJP की ओर से कहा गया है कि जमीनी दस्तावेजीकरण के बाद सामने आने वाली जानकारियों के जरिए आदिवासी क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को आगे बढ़ाया जाएगा। अभियान के दौरान सामने आने वाली कमियों और समस्याओं को रिपोर्ट के रूप में भी प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है।

 

आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। ऐसे में ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान के जरिए CJP इन क्षेत्रों के स्कूलों की वास्तविक स्थिति को सामने लाने का प्रयास करेगी। अब अभियान के तहत होने वाले स्कूल दौरों और दस्तावेजीकरण से आदिवासी बहुल क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को लेकर कौन-कौन से मुद्दे सामने आते हैं, इस पर नजर रहेगी।

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