Edited By Anil Jangid, Updated: 15 Jun, 2026 01:25 PM

जयपुर। जयपुर एयरपोर्ट पर आज एक भावुक और गमगीन माहौल देखने को मिला, जब असम में भारतीय वायुसेना के विमान हादसे में शहीद हुए राजस्थान के वीर सपूत अग्निवीर खेमाराम कुमावत की पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव...
जयपुर। जयपुर एयरपोर्ट पर आज एक भावुक और गमगीन माहौल देखने को मिला, जब असम में भारतीय वायुसेना के विमान हादसे में शहीद हुए राजस्थान के वीर सपूत अग्निवीर खेमाराम कुमावत की पार्थिव देह को अंतिम दर्शन के लिए लाया गया। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर के पहुंचते ही पूरे परिसर में शोक की लहर दौड़ गई और मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई
एयरपोर्ट पर शहीद को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी गई। भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, जिला प्रशासन के प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्प अर्पित कर शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान माहौल अत्यंत भावुक हो गया और ‘भारत माता की जय’ तथा ‘शहीद खेमाराम अमर रहें’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
सांसद मंजू शर्मा ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित किया
इस अवसर पर जयपुर लोकसभा सांसद मंजू शर्मा ने शहीद को पुष्पचक्र अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीद के पार्थिव शरीर को नमन करते हुए कहा कि देश अपने वीर जवानों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने कहा कि अग्निवीर खेमाराम कुमावत ने कर्तव्य पालन करते हुए मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
सांसद ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की
सांसद मंजू शर्मा ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश शहीद के परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि शहीद केवल एक व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह पूरे राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक होता है, जो अपने बलिदान से देश को गौरवान्वित करता है।
शहीद की पार्थिव देह को सैन्य परंपराओं के साथ सम्मान दिया
शहीद अग्निवीर खेमाराम कुमावत की पार्थिव देह को सैन्य परंपराओं के अनुसार सम्मान दिया गया। सेना के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी और विधिवत सम्मान के साथ श्रद्धांजलि कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नम आंखों से शहीद को अंतिम विदाई दी।
एयरपोर्ट परिसर में भारी संख्या में लोग मौजूद रहे
एयरपोर्ट परिसर में भारी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें स्थानीय नागरिक, प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बलों के जवान शामिल थे। हर किसी के चेहरे पर शोक और गर्व दोनों भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे। शहीद के बलिदान की चर्चा पूरे क्षेत्र में गूंजती रही और लोगों ने उन्हें देश का सच्चा सपूत बताया।
दुखद अवसर पर वातावरण पूरी तरह भावुक हो गया
इस दुखद अवसर पर वातावरण पूरी तरह भावुक हो गया था। हर कोई शहीद के साहस, समर्पण और देशभक्ति को याद कर रहा था। कार्यक्रम के अंत में पार्थिव देह को उनके पैतृक स्थान के लिए रवाना किया गया, जहां पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। खेमाराम कुमावत का बलिदान भारतीय सेना और देशवासियों के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेगा। उनका नाम उन वीरों में शामिल हो गया है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए और इतिहास में अमर हो गए।