Edited By Anil Jangid, Updated: 09 Apr, 2026 03:44 PM

कोटा: राजस्थान के कोटा शहर की 'गोल्डन गर्ल' अरुंधती चौधरी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह रिंग की असली क्वीन हैं। 9 अप्रैल को मंगोलिया में आयोजित एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में अरुंधती ने कजाकिस्तान की बॉक्सर बख्येत सेईदिश को 5-0...
कोटा: राजस्थान के कोटा शहर की 'गोल्डन गर्ल' अरुंधती चौधरी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह रिंग की असली क्वीन हैं। 9 अप्रैल को मंगोलिया में आयोजित एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में अरुंधती ने कजाकिस्तान की बॉक्सर बख्येत सेईदिश को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीतने में सफलता प्राप्त की। यह उनकी मेहनत और कौशल का नतीजा था, जिसने उन्हें रिंग में अपने विरोधी पर दबाव बनाए रखने का अवसर दिया।
अरुंधती ने मैच की शुरुआत से ही अपनी विपक्षी बॉक्सर पर अपना दबदबा बनाए रखा। उनके सधे हुए पंचों और शानदार तकनीकी कौशल ने कजाकिस्तान की बॉक्सर को बैकफुट पर धकेल दिया। मुकाबले के अंतिम राउंड में, अरुंधती की फुर्ती और आक्रामकता ने सेईदिश को कोई मौका नहीं दिया और नतीजा 5-0 से आया। जैसे ही जीत की घोषणा हुई, मंगोलिया के खेल मैदान में भारतीय तिरंगे की लहराती हुई दिखाई दी, जो अरुंधती की शानदार जीत का प्रतीक बनी।
अरुंधती की इस जीत से पूरे देश में खुशी का माहौल था। उन्होंने भारतीय सेना की टीम के लिए खेलते हुए यह स्वर्ण पदक जीता है। उनके कोच अशोक गौतम ने भी इस सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि अरुंधती की कठिन मेहनत और समर्पण आज रंग लाई है। इससे पहले अरुंधती ने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड और बुल्गारिया के स्ट्रैंड्जा मेमोरियल में सिल्वर मेडल भी जीते थे।
अरुंधती की इस ऐतिहासिक जीत के बाद उनके घर कोटा में बधाई देने वालों का तांता लग गया। उनके पिता सुरेश चौधरी ने कहा, "अब हमारा अगला लक्ष्य ओलंपिक में पदक जीतना है।" कोटा और पूरे राजस्थान में उनकी सफलता को लेकर खुशी का माहौल है और उम्मीद की जा रही है कि अरुंधती ओलंपिक में भी भारत का नाम रोशन करेंगी।