"लापरवाह अधिकारियों को नहीं मिलेगी छूट" - कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा बोले, किसानों को हर हाल में मिलेगा मुआवजा

Edited By Anil Jangid, Updated: 05 Apr, 2026 06:04 PM

kirori lal meena assures farmers of compensation in kota

कोटा: राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कोटा जिले के इटावा कस्बे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लापरवाह अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि अगर किसानों को आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा समय पर नहीं मिलता है, तो ऐसे अधिकारियों को किसी...

कोटा: राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कोटा जिले के इटावा कस्बे में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान लापरवाह अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि अगर किसानों को आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा समय पर नहीं मिलता है, तो ऐसे अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। कृषि मंत्री की यह चेतावनी खासतौर पर उन अधिकारियों के लिए थी, जिनकी लापरवाही के कारण किसानों को मुआवजे के लिए परेशान होना पड़ता है।

 

कृषि मंत्री मीणा ने यह बयान इटावा के ढीपरी चंबल गांव में दिया, जहां वे ओम बिरला के साथ उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में मंत्री ने चंबल नदी पर 256 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल की घोषणा की, जो ढीपरी चंबल से बूंदी जिले के चारणखुर्द तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा होगा। कृषि मंत्री ने यहां किसानों से भी मिलकर उनकी समस्याएं सुनी और उनके खेतों में उगाए गए खरबूजे का स्वाद लिया।

 

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब राजस्थान में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है, और तीसरी बात यह है कि ओम बिरला जैसे नेता जनता के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनते हैं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि चाहे वे हाड़ौती क्षेत्र के हों या राजस्थान के किसी और हिस्से से, आपदा से हुए नुकसान का एक-एक रुपया उन्हें मिलेगा।

 

कृषि मंत्री ने इस मौके पर नकली खाद और बीज की बढ़ती शिकायतों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि जहां-जहां ऐसी शिकायतें मिलीं, वहां छापेमारी की गई और लापरवाह लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई, जिनमें कई कंपनियों को बंद कर दिया गया और दोषियों को जेल भेजा गया। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि कहीं भी नकली खाद या बीज मिले, तो तुरंत शिकायत करें ताकि तुरंत कार्रवाई की जा सके।

 

इसके अलावा, कृषि मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार इस मामले में एक सख्त बिल लाने जा रही है। इस बिल के तहत अगर किसी किसान को नकली खाद या बीज दिया जाता है, तो दोषी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा।

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