जयपुर में जुलाई से SMS पर आएगा पानी का बिल, 30 जून तक मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य, नहीं तो लगेगी पेनल्टी

Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Jun, 2026 03:00 PM

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जयपुर: जयपुर शहर में अब पेयजल उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जलदाय विभाग (PHED) ने घोषणा की है कि जुलाई 2026 से पानी के बिल अब कागज पर नहीं, बल्कि सीधे मोबाइल फोन पर SMS के जरिए भेजे जाएंगे। इसके लिए विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से 30 जून...

जयपुर: जयपुर शहर में अब पेयजल उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव होने जा रहा है। जलदाय विभाग (PHED) ने घोषणा की है कि जुलाई 2026 से पानी के बिल अब कागज पर नहीं, बल्कि सीधे मोबाइल फोन पर SMS के जरिए भेजे जाएंगे। इसके लिए विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से 30 जून तक अपने खाते में मोबाइल नंबर दर्ज कराने की अपील की है।

 

विभाग ने बताया कि इस नई व्यवस्था के तहत बिजली कंपनियों की तर्ज पर अब पानी की खपत और बिल की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। जिन उपभोक्ताओं ने अपने खाते में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं कराया, उन्हें आगे चलकर बिल प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और नियमानुसार पेनल्टी भी लग सकती है।

 

फिलहाल जयपुर शहर में करीब 6 लाख पेयजल उपभोक्ता हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग 1.25 लाख उपभोक्ताओं के ही मोबाइल नंबर विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज हैं। इसी कारण अधिकांश उपभोक्ताओं को अभी तक डिजिटल बिल और SMS अलर्ट की सुविधा नहीं मिल पा रही है।

 

इस स्थिति को सुधारने के लिए जलदाय विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है, जो 30 जून तक चलेगा। इस दौरान उपभोक्ता अपने संबंधित सहायक अभियंता कार्यालय में जाकर अपने खाता संख्या के साथ मोबाइल नंबर अपडेट करा सकते हैं। विभाग ने सभी कार्यालयों में इसके लिए अलग-अलग कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई है ताकि प्रक्रिया तेजी से पूरी हो सके।

 

अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ के अनुसार, इस नई व्यवस्था से बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी। साथ ही, राजस्व संग्रहण में भी सुधार होने की उम्मीद है।

 

वर्तमान में विभाग में स्टाफ की कमी के कारण मीटर रीडिंग और बिल वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई क्षेत्रों में महीनों तक रीडिंग न होने के कारण उपभोक्ताओं को एक साथ चार से छह महीने का बिल जारी किया जा रहा है। इससे न केवल उपभोक्ताओं पर अचानक आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि सहायक अभियंता कार्यालयों में विवाद की स्थिति भी बन रही है।

 

इसी समस्या को देखते हुए विभाग ने डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने और पारंपरिक बिल वितरण प्रणाली को धीरे-धीरे समाप्त करने का निर्णय लिया है। जुलाई से लागू होने वाली यह व्यवस्था जयपुर शहर की पेयजल बिलिंग प्रणाली में बड़ा बदलाव साबित हो सकती है।

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