Edited By Ishika Jain, Updated: 11 May, 2026 04:22 PM

धौलपुर जिले में गेहूं वितरण में गड़बड़ी के मामले में 9 राशन डीलरों के प्राधिकार पत्र निलंबित किए गए हैं। जिला रसद विभाग ने एफआईआर दर्ज कराने और अचल संपत्ति से वसूली के आदेश दिए हैं।
राजस्थान के धौलपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितताओं को लेकर बड़ा एक्शन लिया गया है। उपभोक्ताओं को वितरित किए जाने वाले गेहूं के गबन के आरोप में 9 उचित मूल्य दुकानदारों के प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिए गए हैं। साथ ही संबंधित राशन डीलरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जिला रसद अधिकारी मणि खींची ने बताया कि जांच के दौरान कई दुकानदारों द्वारा सरकारी गेहूं वितरण में गड़बड़ी सामने आई। आरोप है कि पात्र उपभोक्ताओं तक गेहूं नहीं पहुंचाकर उसका गबन किया गया।
कार्रवाई की जद में आए राशन डीलरों में ग्राम पंचायत पिपरौआ के पूरनसिंह, मढ़ाभाऊ के जनकसिंह, पिपरौन के राधेश्याम और मनियां के केवीएसएस मनिया शामिल हैं। इनके अलावा लीलोठी के धारासिंह मीणा, दौपुरा के रतनसिंह, खिडौरा के जीएसएस खिडौरा, एकटा के व्यवस्थापक रामलखन व पद्मावती स्वयं सहायता समूह तथा मांगरौल के सत्यप्रकाश शर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
रसद विभाग के अनुसार अलग-अलग मामलों में बड़ी मात्रा में गेहूं के गबन की पुष्टि हुई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी अनाज के गबन से हुई आर्थिक क्षति की भरपाई संबंधित राशन डीलरों की अचल संपत्तियों से की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद जिले में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।