Edited By Ishika Jain, Updated: 10 May, 2026 04:00 PM

धौलपुर की चंबल लिफ्ट परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। जिले के भैंसेना का पूरा गांव में डिग्गी निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस भूमि पर निर्माण कार्य होना तय था, वहां काम नहीं कराकर दूसरे...
धौलपुर की चंबल लिफ्ट परियोजना एक बार फिर विवादों में आ गई है। जिले के भैंसेना का पूरा गांव में डिग्गी निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिस भूमि पर निर्माण कार्य होना तय था, वहां काम नहीं कराकर दूसरे खसरा नंबर की जमीन पर डिग्गी बनाई जा रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक सिंचाई विभाग के नाम दर्ज अधिकृत खसरा नंबर 996/117 की बजाय निर्माण कार्य खसरा नंबर 997/117 में कराया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया कि यह सब ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से किया जा रहा है।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्वीकृत भूमि को छोड़कर अन्य स्थान पर निर्माण कराया जा रहा है, तो यह नियमों के खिलाफ होने के साथ सरकारी संसाधनों के गलत इस्तेमाल का मामला भी बनता है।
ग्रामीणों का दावा है कि परियोजना से जुड़े नक्शों और राजस्व रिकॉर्ड में डिग्गी का प्रस्तावित स्थान अलग दर्शाया गया है, जबकि मौके पर निर्माण किसी अन्य जगह पर हो रहा है। इसी कारण गांव में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की पारदर्शी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस विवाद के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है।