Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Aug, 2026 02:26 PM

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव समन्वयकों की नियुक्ति की है।
जयपुर। राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस ने चुनावी तैयारियों को गति देते हुए संगठन की पूरी मशीनरी को मैदान में उतारने का बड़ा फैसला किया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव समन्वयकों की नियुक्ति की है। इस व्यवस्था के तहत प्रदेश के 200 वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को विधानसभा स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
कांग्रेस का यह कदम निकाय चुनावों में मजबूत और जिताऊ उम्मीदवारों के चयन की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का प्रयास है कि प्रत्याशियों के चयन से पहले स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं, दावेदारों और संगठन के पदाधिकारियों से सीधा फीडबैक लिया जाए। इससे स्थानीय राजनीतिक समीकरणों, उम्मीदवार की स्वीकार्यता और जीत की संभावनाओं का आकलन किया जा सकेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश के अनुसार जिला प्रभारी, सह-प्रभारी और विधानसभा चुनाव समन्वयक 24, 25 और 26 अगस्त 2026 को अपने-अपने क्षेत्रों में तीन दिवसीय प्रवास करेंगे। इस दौरान जिला और विधानसभा स्तर पर संगठनात्मक बैठकें आयोजित की जाएंगी।
जिला मुख्यालयों पर होने वाली बैठकों की अध्यक्षता संबंधित जिला कांग्रेस अध्यक्ष करेंगे। इन बैठकों में जिला प्रभारी और प्रमुख कांग्रेस नेता भी शामिल होंगे। वहीं विधानसभा क्षेत्रों में ब्लॉक स्तर पर बैठकों का आयोजन किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता संबंधित ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष करेंगे। चुनाव समन्वयक इन बैठकों में स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करेंगे और संभावित उम्मीदवारों को लेकर फीडबैक जुटाएंगे।
कांग्रेस की रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू प्रत्याशी चयन को बताया जा रहा है। जिला प्रभारी और विधानसभा चुनाव समन्वयक संयुक्त रूप से कार्यकर्ताओं और चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों के साथ बैठक करेंगे। पार्टी का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर मजबूत जनाधार रखने वाले, संगठन के प्रति सक्रिय और चुनाव जीतने की क्षमता रखने वाले उम्मीदवारों की पहचान करना है।
डोटासरा ने पूरी प्रक्रिया के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की है। तीन दिन के सघन प्रवास और बैठकों के बाद सभी समन्वयकों तथा संबंधित पदाधिकारियों को अपनी विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट 27 अगस्त 2026 तक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जयपुर मुख्यालय में जमा करनी होगी।
राजनीतिक तौर पर कांग्रेस के इस फैसले को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि निकाय चुनाव पार्टी के लिए जमीनी संगठन की ताकत परखने का बड़ा अवसर हैं। विधानसभा स्तर पर वरिष्ठ नेताओं की तैनाती से कांग्रेस स्थानीय गुटबाजी को नियंत्रित करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने और टिकट वितरण से पहले संभावित विवादों को कम करने की कोशिश कर रही है।