Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jun, 2026 01:08 PM

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के हित में एक महत्वपूर्ण और प्रोत्साहन देने वाला निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत नेशनल चैंपियनशिप और पैरा नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले 50 खिलाड़ियों को माध्यमिक...
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के हित में एक महत्वपूर्ण और प्रोत्साहन देने वाला निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत नेशनल चैंपियनशिप और पैरा नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीतने वाले 50 खिलाड़ियों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) के पद पर नियुक्ति प्रदान की जाएगी।
सरकारी स्तर पर यह फैसला उन खिलाड़ियों के लिए बड़ी राहत और सम्मान के रूप में देखा जा रहा है, जिन्होंने खेल के क्षेत्र में राज्य और देश का नाम रोशन किया है। चयनित सभी 50 खिलाड़ियों की जांच और परीक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिसके बाद उन्हें नियुक्ति के योग्य पाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करते हुए शीघ्र नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इन खिलाड़ियों को माध्यमिक शिक्षा विभाग में पदस्थापित किया जाएगा, जहां वे प्रशासनिक कार्यों में अपनी सेवाएं देंगे। सरकार का मानना है कि इस प्रकार की पहल से खिलाड़ियों को न केवल आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि वे भविष्य में भी खेलों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित होंगे।
इस निर्णय को राज्य में खेल नीति और युवा कल्याण की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे अन्य युवाओं को भी खेलों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा और वे अधिक मेहनत और समर्पण के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे।
राज्य सरकार का यह कदम खेल प्रतिभाओं को पहचान देने और उन्हें स्थायी रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक मजबूत संदेश देता है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकार खेलों को केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि करियर और रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम मान रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की नीतियां राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करेंगी और आने वाले समय में राजस्थान से और अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने में सफल होंगे।
कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह निर्णय खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करने के साथ-साथ राज्य में खेलों के विकास को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।