Edited By Anil Jangid, Updated: 01 Feb, 2026 01:19 PM

जयपुर। केंद्रीय बजट 2026 में प्रत्यक्ष कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और करदाता-हितैषी बनाने पर जोर दिया गया है। नई कर व्यवस्था में सुधार और मध्यम वर्ग को राहत के संकेत बजट को सकारात्मक बनाते हैं।
जयपुर। केंद्रीय बजट 2026 में प्रत्यक्ष कर व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और करदाता-हितैषी बनाने पर जोर दिया गया है। नई कर व्यवस्था में सुधार और मध्यम वर्ग को राहत के संकेत बजट को सकारात्मक बनाते हैं।
हालाँकि, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में वृद्धि निवेशकों के लिए एक नकारात्मक पहलू के रूप में सामने आई है। यह कदम शेयर बाजार में लेन-देन की लागत बढ़ाएगा, जिससे बाजार में गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।
STT बढ़ने से अल्पकालिक निवेश और ट्रेडिंग गतिविधियाँ प्रभावित हो सकती हैं। ऐसे समय में जब सरकार पूंजी बाजार के माध्यम से घरेलू निवेश को बढ़ावा देने की बात कर रही है, STT में वृद्धि Ease of Investing की भावना के विपरीत मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कर अनुपालन बढ़ाने के लिए कर आधार का विस्तार अधिक प्रभावी उपाय हो सकता था, बजाय इसके कि संगठित और पारदर्शी पूंजी बाजार पर अतिरिक्त कर भार डाला जाए।
कुल मिलाकर, प्रत्यक्ष कर बजट 2026 जहाँ एक ओर सरलता, विश्वास और स्थिरता का संदेश देता है, वहीं STT में वृद्धि बाजार की धारणा पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, जिस पर पुनर्विचार अपेक्षित है।
-मोहित अग्रवाल, आर्थिक विश्लेषक