राजस्थान में व्यापार और उद्योग को मिलेगी राहत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने दिए प्रक्रियाएं सरल बनाने के निर्देश

Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 04 Jun, 2026 08:10 AM

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‘कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2’ की समीक्षा बैठक में 20 जून तक कार्य पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश, स्टार्टअप्स और MSME को होगा बड़ा फायदा

जयपुर। राजस्थान में व्यापारिक गतिविधियों को और अधिक सरल एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को सचिवालय में आयोजित ‘कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2’ की समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों को 20 जून तक निर्धारित कार्य पूरा कर पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, राजस्व, वन एवं पर्यावरण, शहरी विकास, श्रम, विधिक माप विज्ञान, न्याय और उद्योग विभाग से जुड़े सुधारों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को आसान बनाने और अनावश्यक प्रशासनिक बाधाओं को खत्म करने के लिए निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा किया जाए।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बताया कि राज्य सरकार व्यापार में सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए ‘कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2’ अभियान चला रही है। इसके तहत 16 विभागों से जुड़े 28 प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की गई है।

इन क्षेत्रों में भूमि उपयोग, भवन निर्माण, यूटिलिटीज सेवाएं, विभिन्न प्रकार की अनुमतियां, बिजली, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने बैठक में जानकारी दी कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित 28 क्षेत्रों में से 8 क्षेत्रों में सुधार लागू किए जा चुके हैं। इनमें ऊर्जा, उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा, उद्योग विभाग, रीको, बीआईपी और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि 15 अन्य क्षेत्रों के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जा चुका है। इनमें से 5 क्षेत्रों में सुधार लागू हो चुके हैं, जबकि 10 क्षेत्रों में क्रियान्वयन प्रक्रिया विभिन्न चरणों में जारी है।

बैठक में बताया गया कि इन सुधारों का प्रमुख उद्देश्य नागरिकों, उद्योगों और उद्यमियों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाना है। अनावश्यक नियमों, बार-बार अनुमति लेने की बाध्यता, दस्तावेजों की पुनरावृत्ति और निरीक्षण संबंधी जटिलताओं को कम कर सेवाओं की गुणवत्ता और गति में सुधार किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इन सुधारों से विशेष रूप से स्टार्टअप्स, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और नए निवेशकों को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे उद्योगों का समय, लागत और संसाधनों की बचत होगी, वहीं राज्य की अर्थव्यवस्था और निवेश माहौल को भी मजबूती मिलेगी।

बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिलाया।

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