Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Jan, 2026 05:56 PM

सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर जिले के अमरूद को अब देश-विदेश में नई पहचान मिलने जा रही है। राजस्थान की भजनलाल सरकार यहां अमरूद का आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस पहल से न केवल अमरूद उत्पादक किसानों की आय में उल्लेखनीय...
सवाई माधोपुर। सवाई माधोपुर जिले के अमरूद को अब देश-विदेश में नई पहचान मिलने जा रही है। राजस्थान की भजनलाल सरकार यहां अमरूद का आधुनिक प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इस पहल से न केवल अमरूद उत्पादक किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। देश में पहली बार आयोजित अमरूद महोत्सव के माध्यम से इस महत्वपूर्ण योजना की औपचारिक शुरुआत की गई है।
रविवार को सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस के अवसर पर दशहरा मैदान में अमरूद महोत्सव एवं कृषि तकनीकी मेला आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भाग लिया। दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से महोत्सव का उद्घाटन किया। यह आयोजन किसानों, कृषि विशेषज्ञों और आमजन के लिए अमरूद की उपयोगिता और संभावनाओं को समझने का एक प्रभावी मंच बना।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि अमरूद भले ही सस्ता फल माना जाता हो, लेकिन यह पोषण से भरपूर और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है। ऐसे आयोजनों से लोगों को अमरूद के पोषण मूल्य और इसके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी मिलती है। महोत्सव में अमरूद से बने जूस, अचार, मिठाई और अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने किसानों को प्रसंस्करण की संभावनाओं से परिचित कराया।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने महोत्सव के दौरान सवाई माधोपुर में अमरूद प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेती से वास्तविक लाभ तब बढ़ता है जब किसान के उत्पादों का संवर्धन और प्रसंस्करण किया जाए। राज्य सरकार यहां 150 करोड़ रुपये की लागत से प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगी, जिससे अमरूद किसानों की सालाना आमदनी 600 से 700 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
इसके साथ ही मंत्री ने जिले में 600 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत की घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में फसलों को होने वाले नुकसान से बचाव के लिए सूरवाल बांध का पानी बनास नदी में छोड़ने हेतु नया बांध बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 110 करोड़ रुपये होगी। यह परियोजनाएं सवाई माधोपुर के कृषि और विकास को नई दिशा देंगी।