स्वच्छ भारत मिशन 2.0: सवाई माधोपुर में स्टेट ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता की सख्त चेतावनी, स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 13 Mar, 2026 04:48 PM

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शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), राजस्थान सरकार के स्टेट ब्रांड...

सवाई माधोपुर। शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), राजस्थान सरकार के स्टेट ब्रांड एम्बेसडर एवं डूंगरपुर नगर परिषद के पूर्व सभापति के.के. गुप्ता ने की।

बैठक में जिले के सभी नगर निकायों के अधिकारियों के साथ जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत चल रही गतिविधियों की समीक्षा की गई और शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

स्टेट ब्रांड एम्बेसडर के.के. गुप्ता ने अधिकारियों से समन्वय के साथ काम करने और स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, नगर निकायों के कर्मचारियों और आम जनता की सक्रिय भागीदारी से ही शहरों को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वच्छ भारत मिशन के विजन को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है और स्वच्छता व्यवस्था में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शहरों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए और हर घर से सूखे व गीले कचरे का पृथक्करण सुनिश्चित किया जाए। यह व्यवस्था पूरे वर्ष नियमित रूप से संचालित होनी चाहिए और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए।

बैठक में सार्वजनिक शौचालयों की दिन में कम से कम तीन बार सफाई, शहरों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाने और निर्धारित समय में प्लास्टिक थैलियों के उपयोग पर रोक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके अलावा खाली पड़े प्लॉटों की सफाई संबंधित भू-स्वामियों से करवाने, सफाई नहीं करने पर जुर्माना लगाने, कमर्शियल क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था, नालियों की नियमित सफाई और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में यह भी कहा गया कि पार्कों और बगीचों में साफ-सफाई, जिम और झूलों की उचित व्यवस्था, बिजली के पोलों पर नियमित लाइट, सड़कों पर आवारा पशुओं की रोकथाम तथा सड़कों पर निर्माण सामग्री रखकर रास्ता अवरुद्ध करने पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अवैध बूचड़खानों और अवैध मांस विक्रय स्थलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

के.के. गुप्ता ने कहा कि कचरा संग्रहण स्थलों पर कचरे में आग लगाना बेहद खतरनाक है, क्योंकि इससे निकलने वाला धुआं जहरीला होता है और आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। इसलिए कचरे का निस्तारण वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत किया जाना अनिवार्य है।

उन्होंने बताया कि स्वच्छता कार्यों की जियो-टैगिंग के माध्यम से निगरानी की जाएगी और इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि स्वच्छता कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से जिले के शहरों को स्वच्छ बनाकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के स्वच्छ भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा।

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