Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 20 Feb, 2026 07:56 PM

चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा क्षेत्र में अफीम की फसल पर सफेद मस्सी (पाउडरी मिल्ड्यू) रोग का प्रकोप बढ़ता जा रहा है।
चित्तौड़गढ़ जिले के भादसोड़ा क्षेत्र में अफीम की फसल पर सफेद मस्सी (पाउडरी मिल्ड्यू) रोग का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। बदलते मौसम और अनुकूल तापमान नहीं मिलने के कारण यह फफूंदजनित रोग तेजी से फैल रहा है, जिससे अफीम उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि इस समय फसल अपने यौवन पर है और ऐसे में रोग का हमला उत्पादन पर सीधा असर डाल सकता है। सफेद मस्सी के कारण पौधों की पत्तियों और तनों पर सफेद पाउडर जैसा पदार्थ जमने लगता है, जिससे पौधों की वृद्धि रुक जाती है और उपज में गिरावट आती है।
मौसम बना बड़ी वजह
किसानों के अनुसार दिन-रात के तापमान में उतार-चढ़ाव और नमी बढ़ने से यह रोग तेजी से फैल रहा है। यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो उत्पादन पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव
रोग से बचाव के लिए किसान खेतों में फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर दवा का छिड़काव और संतुलित सिंचाई से इस रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।
आजीविका पर संकट
अफीम की खेती क्षेत्र के कई परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में यदि फसल को नुकसान होता है तो किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। किसानों ने प्रशासन और कृषि विभाग से समय पर मार्गदर्शन और सहायता की मांग की है।