Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Feb, 2026 05:35 PM

चित्तौड़गढ़। चम्बल नदी के मीठे पानी से अब चित्तौड़गढ़ जिले के 325 गांवों की प्यास बुझाने की तैयारी तेज हो गई है। चम्बल पेयजल परियोजना (फेज 2-बी) के तहत 646 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी होने की उम्मीद है।
चित्तौड़गढ़। चम्बल नदी के मीठे पानी से अब चित्तौड़गढ़ जिले के 325 गांवों की प्यास बुझाने की तैयारी तेज हो गई है। चम्बल पेयजल परियोजना (फेज 2-बी) के तहत 646 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी होने की उम्मीद है।
2200 करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना
प्रदेश के चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए चम्बल का पानी लाने की योजना बनाई गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 2200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। राज्य सरकार ने बजट में इसकी घोषणा की थी।
चित्तौड़गढ़ जिले में फेज 2-बी के तहत 646 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। विभाग ने इसके लिए टेंडर आमंत्रित किए थे, जिनमें आठ फर्मों ने भाग लिया। अब वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है और दस्तावेजों की जांच के बाद वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा।
41 हजार घरों तक पहुंचेगा पानी
इस योजना के तहत चित्तौड़गढ़ के 212, गंगरार के 2, भदेसर के 45 और निम्बाहेड़ा के 66 गांवों के ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। जल जीवन मिशन के अंतर्गत करीब 41 हजार घरों तक नल कनेक्शन के जरिए स्वच्छ पेयजल पहुंचाया जाएगा।
3200 किमी पाइपलाइन और 47 जलाशय
परियोजना के तहत लगभग 3200 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिसमें मुख्य लाइन और घरों तक जाने वाली पाइपलाइन शामिल है। इसके साथ 47 उच्च जलाशयों का निर्माण और 10 पंप हाउस बनाए जाएंगे, ताकि पर्याप्त दबाव के साथ पानी घर-घर पहुंच सके।
पहले चरण में भी प्रगति
चम्बल प्रोजेक्ट के फेज 2-ए में गंगरार ब्लॉक के लिए 273 करोड़ रुपए के कार्यादेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं, जिससे 138 गांवों के 13,755 लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में लंबे समय से बनी पेयजल समस्या का समाधान होने की उम्मीद है और ग्रामीणों को स्वच्छ व स्थायी जल आपूर्ति मिल सकेगी।