चित्तौड़गढ़ के गंगरार में दो महीने से राशन सप्लाई ठप, ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 16 Feb, 2026 08:01 PM

ration supply stalled in gangarar chittorgarh for two months

चित्तौड़गढ़ | जिले की गंगरार तहसील के गांव इन्दौरा में पिछले दो महीनों से उचित मूल्य की दुकान पर राशन सामग्री नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है

चित्तौड़गढ़ | जिले की गंगरार तहसील के गांव इन्दौरा में पिछले दो महीनों से उचित मूल्य की दुकान पर राशन सामग्री नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। गेहूं, चावल और अन्य खाद्य सामग्री का वितरण ठप होने से परेशान ग्रामीणों ने राशन डीलर के साथ जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।

सिस्टम में स्टॉक, जमीन पर खाली दुकान

राशन डीलर गिरिराज गर्ग ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल पर स्टॉक उपलब्ध दिख रहा है, लेकिन हकीकत में पिछले दो महीनों से राशन की गाड़ी दुकान तक नहीं पहुंची। स्टॉक नहीं होने के कारण गरीब और जरूरतमंद परिवारों को गेहूं, चावल सहित अन्य खाद्य सामग्री का वितरण नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि समय पर राशन नहीं मिलने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्च चलाने में भारी दिक्कत आ रही है। कई परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर निर्भर हैं, ऐसे में लगातार दो महीने से राशन न मिलना गंभीर चिंता का विषय है।

2022 के गबन मामले से जुड़ा है विवाद

डीलर गिरिराज गर्ग के अनुसार वर्ष 2022 में गांव के पूर्व राशन डीलर पर गबन का आरोप लगा था। उस समय संबंधित डीलर को निलंबित कर लाइसेंस निरस्त किया गया और मामला दर्ज हुआ। बाद में दुकान का लाइसेंस उन्हें आवंटित किया गया।

गर्ग का आरोप है कि पूर्व डीलर के गबन से जुड़ा अंकन अभी भी रिकॉर्ड में दर्ज है, जिसके कारण सिस्टम में तकनीकी अड़चन आ रही है और नया स्टॉक जारी नहीं हो पा रहा। उन्होंने कहा कि यदि कोई बकाया या तकनीकी समस्या है तो उसका समाधान किया जाए, ताकि नियमित रूप से राशन सामग्री मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि वे लगातार चार साल से नियमित वितरण कर रहे हैं, ऐसे में अचानक दो महीनों से स्टॉक रुकना समझ से परे है। बिना स्टॉक के वितरण संभव नहीं है और ग्रामीणों के दबाव का सामना उन्हें भी करना पड़ रहा है।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

शिकायत मिलने के बाद आलोक रंजन ने संबंधित अधिकारियों को मामले की पूरी जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से स्टॉक रुका है तो उसे तुरंत दुरुस्त किया जाए। वहीं, रसद अधिकारी हितेश जोशी ने बताया कि मामले की जांच कर जल्द समाधान निकाला जाएगा, ताकि ग्रामीणों को समय पर राशन उपलब्ध कराया जा सके।

संभावित कारण और सवाल

क्या ऑनलाइन सिस्टम और वास्तविक सप्लाई में बड़ा अंतर है?
क्या 2022 के पुराने गबन मामले का रिकॉर्ड अब भी तकनीकी बाधा बना हुआ है?
क्या जिले की अन्य दुकानों पर भी ऐसी समस्या है?
ग्रामीणों को अब प्रशासनिक कार्रवाई और सप्लाई बहाल होने का इंतजार है।

 

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!