राजस्थान विश्वविद्यालय की शोधार्थी डॉ. प्रियंका मीणा का जर्मनी के प्रतिष्ठित संस्थान में पोस्टडॉक्टरल शोध हेतु चयन

Edited By Anil Jangid, Updated: 17 Jun, 2026 05:47 PM

university of rajasthan dr priyanka meena selected for postdoctoral research

जयपुर। जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग की शोधार्थी डॉ. प्रियंका मीणा का चयन जर्मनी के प्रतिष्ठित नूर्नबर्ग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पोस्टडॉक्टरल शोध पद के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत शैक्षणिक करियर के...

जयपुर। जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग की शोधार्थी डॉ. प्रियंका मीणा का चयन जर्मनी के प्रतिष्ठित नूर्नबर्ग इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में पोस्टडॉक्टरल शोध पद के लिए हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत शैक्षणिक करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि राजस्थान विश्वविद्यालय की वैश्विक शोध पहचान को भी और अधिक सशक्त करती है।

 

डॉ. प्रियंका मीणा, जो जयपुर के जामडोली क्षेत्र की निवासी हैं और श्री मनोहर लाल मीणा की पुत्री हैं, ने अपने पीएच.डी. के दौरान राजस्थान विश्वविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग में उत्कृष्ट शोध कार्य किया। उन्होंने यह शोध कार्य डॉ. विजय परेवा के मार्गदर्शन में पूरा किया, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक निष्कर्ष प्रस्तुत किए। उनके शोध कार्य की विशेषता नवीन रसायनिक प्रक्रियाओं और सतत ऊर्जा समाधान पर केंद्रित दृष्टिकोण रहा है।

 

जर्मनी में उनका आगामी शोध कार्य कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) को उपयोगी ईंधनों और रसायनों में परिवर्तित करने की तकनीकों के विकास पर केंद्रित रहेगा। इस शोध का उद्देश्य औद्योगिक स्तर पर कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए उसे मूल्यवान ऊर्जा स्रोतों में बदलना है, जो भविष्य में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

 

विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नीलिमा गुप्ता ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. प्रियंका मीणा का चयन विभाग की मजबूत शोध परंपरा और उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि विभाग के शोधार्थियों का निरंतर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों जैसे जर्मनी, जापान और ताइवान में चयन होना इस बात का संकेत है कि विश्वविद्यालय वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

 

राजस्थान विश्वविद्यालय की कुलगुरु प्रोफेसर अल्पना कटेजा ने भी डॉ. प्रियंका की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की सफलताएँ अन्य शोधार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं और विश्वविद्यालय की शोध संस्कृति को नई दिशा प्रदान करती हैं।

 

डॉ. विजय परेवा ने अपनी शोधार्थी को इस उपलब्धि पर शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विभाग के अन्य संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और सहकर्मियों ने भी इस सफलता पर हर्ष व्यक्त किया और उन्हें बधाई दी।

 

यह उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय शोधार्थी वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक अनुसंधान में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, विशेषकर सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में।

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