एबीवीपी के नेतृत्व में छात्र संघ चुनाव बहाली को लेकर जोधपुर में छात्रों का प्रदर्शन, सरकार को दी चेतावनी

Edited By Chandra Prakash, Updated: 04 Aug, 2025 01:49 PM

students protest in jodhpur under the leadership of abvp

जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) के छात्रों ने सोमवार को छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेतृत्व में जोधपुर के जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर आयोजित हुआ, जिसमें...

जोधपुर, 4 अगस्त 2025 | जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) के छात्रों ने सोमवार को छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेतृत्व में जोधपुर के जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर शिक्षा में लोकतंत्र को कुचलने का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द छात्र संघ चुनाव करवाने की मांग की। छात्र नेताओं का कहना है कि राज्य सरकार छात्र राजनीति को दबाने का प्रयास कर रही है और यह छात्र हितों के खिलाफ है।

"छात्र संघ चुनाव युवाओं की लोकतांत्रिक पाठशाला है" - मोती सिंह
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता मोती सिंह ने कहा, "छात्र संघ चुनाव युवाओं की लोकतांत्रिक यात्रा की पहली सीढ़ी है। यह न केवल छात्र हितों की रक्षा करता है, बल्कि राजनीतिक नेतृत्व की नींव भी रखता है। सरकार अगर समय रहते छात्र संघ चुनाव की घोषणा नहीं करती है, तो हम अपना आंदोलन और उग्र करेंगे।"

छात्रों ने कलेक्ट्रेट के बाहर नारेबाजी की और राज्य सरकार के खिलाफ विरोध जताया। साथ ही एक ज्ञापन भी प्रशासन को सौंपा गया, जिसमें छात्र संघ चुनाव तत्काल बहाल करने की मांग की गई।

छात्रों ने जताई नाराजगी, आंदोलन के और तेज होने की चेतावनी
छात्रों का कहना है कि छात्र राजनीति पर लगी यह अनौपचारिक रोक सरकार की सोची-समझी रणनीति है, ताकि शिक्षण संस्थानों में छात्रों की आवाज़ को दबाया जा सके।
प्रदर्शन में शामिल छात्र आशीष सिंह, भावना चौधरी, राहुल पंवार, साक्षी प्रजापत आदि ने एक सुर में कहा कि अब संघर्ष का बिगुल बज चुका है और सरकार को छात्र शक्ति का अहसास जल्द ही होगा।

यह है छात्रों की मांग
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय सहित सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र संघ चुनाव जल्द शुरू हों।
विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली की जाए।
राजनीतिक हस्तक्षेप बंद कर छात्रों को नेतृत्व का अवसर मिले।

यदि सरकार नहीं जागी तो...
छात्र संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाया जाएगा। अब देखना होगा कि क्या राजस्थान सरकार छात्रों की इस लोकतांत्रिक आवाज को सुनकर कोई ठोस कदम उठाती है या नहीं।


 

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