राजस्थान में LPG संकट पर कांग्रेस का हमला, डोटासरा बोले – गैस के लिए कतारों में खड़ा देश

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 12 Mar, 2026 07:28 PM

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राजस्थान में एलपीजी गैस की कथित किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि देश और...

जयपुर। राजस्थान में एलपीजी गैस की कथित किल्लत और बढ़ती कीमतों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने जयपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि देश और प्रदेश में एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित होने से आम जनता भारी परेशानी का सामना कर रही है। गैस सिलेंडर की बुकिंग बंद हो रही है, कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रुक गई है और घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को गैस नहीं मिल पा रही है।

डोटासरा ने कहा कि देश में हालात ऐसे हो गए हैं कि हर गैस एजेंसी के बाहर महिलाओं, बुजुर्गों और आम लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। ऑनलाइन बुकिंग बंद होने से कालाबाजारी बढ़ गई है और होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल की मैस और कॉलेज कैंटीन तक प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि जयपुर, सीकर और कोटा जैसे शहरों में पढ़ाई करने आए छात्र भी भोजन के संकट का सामना कर रहे हैं, क्योंकि गैस सिलेंडर की कमी के कारण ढाबों और मैस में खाना बनना मुश्किल हो गया है।

उन्होंने कहा कि गैस आपूर्ति में कमी के कारण पर्यटन उद्योग पर भी असर पड़ रहा है। होटल और रेस्टोरेंट में बुकिंग 40 प्रतिशत तक कम हो गई है और शादियों में मेहमानों की संख्या तक घटाई जा रही है। खाने-पीने की कीमतें भी लगभग दोगुनी हो गई हैं, जिससे आम लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।

डोटासरा ने राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के खाद्य आपूर्ति मंत्री यह कहकर जिम्मेदारी से बच रहे हैं कि गैस की आपूर्ति केंद्र सरकार का काम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व केवल मॉनिटरिंग करना नहीं बल्कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकना भी है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।

उन्होंने कहा कि गैस संकट के कारण कपड़ा, सीमेंट, फर्टिलाइजर, पर्यटन और अन्य उद्योगों के उत्पादन पर भी असर पड़ा है। जयपुर जिले में बोरोसिल फैक्ट्री बंद होने से करीब तीन हजार मजदूर बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार प्रभावित उद्योगों को राहत पैकेज दे और बिजली बिलों में छूट प्रदान करे।

डोटासरा ने यह भी कहा कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कमी की आशंका भी बनी हुई है, जबकि राजस्थान में रिफाइनरी बन चुकी है लेकिन उसे शुरू करने में देरी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश के हित में रिफाइनरी को तुरंत शुरू किया जाए ताकि प्रदेश को इस संकट से राहत मिल सके।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा में सरकार ने दावा किया था कि प्रदेश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन सरकार के फैसलों से ही लोगों में घबराहट का माहौल बना है। उन्होंने कहा कि पहले गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए और फिर कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति रोक दी गई, जिससे होटल, ढाबे, पर्यटन और कपड़ा उद्योग पर गंभीर असर पड़ा है।

उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार श्वेत पत्र जारी कर यह बताए कि प्रदेश में गैस सिलेंडर का कितना स्टॉक उपलब्ध है और कितनी मांग है। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार है तो केंद्र सरकार को राजस्थान की मदद करनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी बढ़ रही है और सरकार इसे रोकने में विफल साबित हो रही है। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस संकट का समाधान नहीं किया तो कांग्रेस प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन और व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।

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