भारत-पाक सीमा पर निर्माण और अतिक्रमण को लेकर कैलाश चौधरी का बड़ा बयान

Edited By Anil Jangid, Updated: 21 Jun, 2026 05:30 PM

kailash choudhary raises concern over construction on india pak border

बाड़मेर। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा और अतिक्रमण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने सीमावर्ती इलाकों में हो रहे कथित संदिग्ध निर्माण और गतिविधियों...

बाड़मेर। भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे क्षेत्रों में सुरक्षा और अतिक्रमण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने सीमावर्ती इलाकों में हो रहे कथित संदिग्ध निर्माण और गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या अनियमित निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

जैसलमेर जिले का उदाहरण देते हुए कैलाश चौधरी ने दावा किया कि सीमा से लगभग पांच किलोमीटर दूर एक छोटी आबादी वाली पंचायत में, जहां केवल 60 से 100 लोग रहते हैं, वहां करोड़ों रुपये की लागत से एक बड़ी मस्जिद का निर्माण किया गया है। उन्होंने इस निर्माण को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने संवेदनशील क्षेत्र में इस प्रकार के बड़े निर्माण के पीछे क्या उद्देश्य है, इसकी गहन जांच होनी चाहिए।

 

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास कार्यों के नाम पर कई संदिग्ध परियोजनाएं शुरू की गईं। उन्होंने लगभग 100 किलोमीटर लंबी सड़क निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यों की पारदर्शिता और सुरक्षा पहलुओं की समीक्षा आवश्यक है। उनका कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गतिविधि सीधे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी होती है, इसलिए यहां अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है।

 

कैलाश चौधरी ने पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों का भी उल्लेख किया और कहा कि वहां भी स्थिति चिंताजनक रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए जाते, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

 

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कानून व्यवस्था और विकास दोनों को संतुलित तरीके से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने दोहराया कि सीमा क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जाएगी और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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