Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Jun, 2026 01:38 PM

जयपुर: राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने नए और सख्त नियम लागू किए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025 में संशोधन के बाद राज्य के छह...
जयपुर: राजस्थान में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने नए और सख्त नियम लागू किए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स ऑर्डर, 2025 में संशोधन के बाद राज्य के छह सीमावर्ती जिलों में विदेशी नागरिकों और अब OCI कार्डधारकों की आवाजाही पर नई गाइडलाइंस प्रभावी हो गई हैं।
गृह मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, राजस्थान के जिन छह जिलों को इस संशोधित आदेश के तहत शामिल किया गया है, वे हैं— जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, फलोदी और जालोर। इन जिलों के वे क्षेत्र जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद नजदीक स्थित हैं, उन्हें प्रोटेक्टेड एरिया घोषित किया गया है। इन इलाकों में विदेशी नागरिकों को बिना विशेष अनुमति या परमिट के प्रवेश, ठहरने या यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी।
इस संशोधन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पहली बार OCI कार्डधारकों को भी इन नियमों के दायरे में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि भारतीय मूल के वे नागरिक जो विदेश में रहते हैं, उन्हें भी इन संवेदनशील क्षेत्रों में जाने के लिए विशेष अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पर्यटन और आम जनजीवन को प्रभावित न किया जाए। इसके तहत मुख्य शहरों और कस्बों जैसे श्रीगंगानगर, सूरतगढ़, बीकानेर, फलोदी, बाप, पोकरण, जैसलमेर, बाड़मेर और सांचौर की शहरी सीमाओं को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। इसके अलावा नेशनल हाईवे 11, 62 और 68 के आसपास के क्षेत्रों में सामान्य आवाजाही पर कोई विशेष रोक नहीं होगी।
जैसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे सम, कुलधरा, लोद्रवा, अमरसागर, बड़ा बाग, अकल, ऊँडा और खुहड़ी को भी इस आदेश से छूट दी गई है, जिससे पर्यटन गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इन स्थलों तक जाने वाले मुख्य मार्गों और आसपास के 500 मीटर क्षेत्र में विदेशी पर्यटक बिना किसी विशेष अनुमति के घूम सकेंगे।
गृह मंत्रालय ने यह कदम सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के उद्देश्य से उठाया है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे क्षेत्रों में विदेशी नागरिकों की गतिविधियों पर नजर रखना आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती से निपटा जा सके।
यदि कोई विदेशी नागरिक या OCI धारक इन जिलों के प्रतिबंधित हिस्सों में जाना चाहता है, तो उसे FRRO या जिला प्रशासन से अग्रिम अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति इन क्षेत्रों में प्रवेश को नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
फिलहाल, प्रशासन ने सभी जिलों को नए आदेशों के अनुपालन के निर्देश दे दिए हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी और कड़ी कर दी गई है।