JNU में 80वें स्वतंत्रता दिवस का भव्य समारोह, शोध उत्कृष्टता पर शिक्षकों को मिले ₹30 लाख के पुरस्कार

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 16 Aug, 2026 02:20 PM

grand celebration of the 80th independence day at jnu

जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी (JNU) में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, उत्साह और गरिमामय वातावरण के साथ मनाया गया। समारोह का शुभारंभ यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. संदीप बक्शी ने ध्वजारोहण के साथ किया।

जयपुर । जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी (JNU) में 80वां स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति, उत्साह और गरिमामय वातावरण के साथ मनाया गया। समारोह का शुभारंभ यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. संदीप बक्शी ने ध्वजारोहण के साथ किया। इसके बाद राष्ट्रगान और विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट्स द्वारा मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. बक्शी ने शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति यूनिवर्सिटी की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने पिछले स्वतंत्रता दिवस पर घोषित विजन के अनुरूप वर्षभर में हासिल की गई प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि जेएनयू को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा 12(B) स्टेटस प्रदान किया गया है। वहीं, JNU मेडिकल कॉलेज को राजस्थान का सर्वश्रेष्ठ निजी मेडिकल कॉलेज घोषित किया गया तथा India Today की रैंकिंग में देश के Top 55 Medical Colleges में स्थान मिला है। यूनिवर्सिटी ने भारत के Top 45 Universities में भी जगह बनाई है, जिसे संस्थान की शैक्षणिक यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

डॉ. बक्शी ने कहा कि पिछले वर्ष विश्वविद्यालय ने अपना विजन घोषित किया था और इस वर्ष उस विजन को उपलब्धियों में बदलकर दिखाया है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य इस प्रगति को आगे बढ़ाते हुए शैक्षणिक उत्कृष्टता को JNU की पहचान और सबसे बड़ी ताकत बनाना है।

इस अवसर पर पूरे JNU परिवार की ओर से प्रो-चांसलर डॉ. एच.एन. वर्मा, प्रो-चांसलर (मेडिकल) डॉ. सुधीर भंडारी, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. प्रीति बक्शी और वाइस चांसलर प्रो. आर.एल. रैना ने डॉ. संदीप बक्शी को UN-IIMSAM Goodwill Ambassador नियुक्त किए जाने पर बधाई दी। उन्होंने इसे JNU के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए वैश्विक मंच पर विश्वविद्यालय की बढ़ती पहचान और उपस्थिति को रेखांकित किया।

समारोह में JNU Hospital & Medical College के नेतृत्व की भी गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट शोध एवं प्रकाशन कार्यों के लिए चयनित शिक्षकों को कुल 30 लाख रुपये के नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए इन पुरस्कारों का उद्देश्य शिक्षकों को शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के लिए प्रोत्साहित करना है। यह पहल उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ-साथ एक मजबूत शोध संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

समारोह का समापन समूह फोटोग्राफ के साथ हुआ। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में स्वतंत्रता, एकता, उपलब्धि और प्रगति की भावना देखने को मिली। JNU ने आने वाले वर्ष में भी शैक्षणिक उत्कृष्टता को अपना प्रमुख केंद्रबिंदु बनाए रखने का संकल्प दोहराया।

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