Edited By Afjal Khan, Updated: 12 Mar, 2026 06:33 PM

राजस्थान के धौलपुर जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। ‘सुरक्षा सखी संवाद पखवाड़ा’ के तहत सुरक्षा सखियां गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर महिलाओं से सीधे संवाद कर रही हैं। इस दौरान उन्हें महिला...
राजस्थान के धौलपुर जिले में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। ‘सुरक्षा सखी संवाद पखवाड़ा’ के तहत सुरक्षा सखियां गांव-गांव और घर-घर पहुंचकर महिलाओं से सीधे संवाद कर रही हैं। इस दौरान उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, अधिकारों और जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जा रही है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को जागरूक बनाना है, ताकि वे अपने अधिकारों को समझ सकें और किसी भी परेशानी की स्थिति में सही कदम उठा सकें। पुलिस की इस पहल के तहत महिलाओं को यह भी बताया जा रहा है कि किसी भी समस्या या आपात स्थिति में पुलिस से किस प्रकार मदद ली जा सकती है।
1 से 15 मार्च तक चल रहा अभियान
यह अभियान 1 मार्च से 15 मार्च तक पूरे जिले में चलाया जा रहा है। इसे विकास सांगवान के निर्देशन और वैभव शर्मा के सुपरविजन में संचालित किया जा रहा है।
अभियान के तहत जिले के सभी पुलिस थानों से जुड़ी सुरक्षा सखियां महिलाओं और बालिकाओं से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों, हेल्पलाइन नंबरों और पुलिस सहायता लेने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझा रही हैं।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जा रही जानकारी
पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं। अभियान का उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है।
अभियान के दौरान महिलाओं को 1090 महिला हेल्पलाइन और 112 आपातकालीन हेल्पलाइन जैसे महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी भी दी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे तुरंत पुलिस से सहायता प्राप्त कर सकें।
थाना स्तर पर संवाद और प्रशिक्षण कार्यक्रम
इसके अलावा थाना स्तर पर बैठकों और संवाद कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों में महिलाओं को आत्मरक्षा के तरीके, कानूनी प्रावधान और पुलिस से सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि अभियान के दौरान बेहतर कार्य करने वाली सुरक्षा सखियों को अभियान समाप्त होने के बाद रेंज स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा। इस पहल के माध्यम से महिलाओं में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है।