जोधपुर में मालाणी डेयरी समूह पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई: 5 ठिकानों पर चौथे दिन भी रेड जारी, 5 करोड़ का सोना और नकदी बरामद

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jan, 2026 06:05 PM

income tax crackdown on malani dairy group in jodhpur

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर शहर में मालाणी डेयरी समूह और व्यवसायी घनश्याम सोनी पर आयकर विभाग का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। 15 जनवरी से शुरू हुई आयकर विभाग की यह बड़ी कार्रवाई शनिवार को चौथे दिन भी जारी रही। उत्तर प्रदेश, मुंबई और दिल्ली से आई आयकर...

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर शहर में मालाणी डेयरी समूह और व्यवसायी घनश्याम सोनी पर आयकर विभाग का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। 15 जनवरी से शुरू हुई आयकर विभाग की यह बड़ी कार्रवाई शनिवार को चौथे दिन भी जारी रही। उत्तर प्रदेश, मुंबई और दिल्ली से आई आयकर विभाग की संयुक्त इन्वेस्टिगेशन टीम द्वारा की जा रही इस छापेमारी में अब तक करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति, भारी मात्रा में सोना, नकदी और संदिग्ध डिजिटल रिकॉर्ड्स सामने आए हैं।

 

सूत्रों के अनुसार, जांच के तीसरे दिन तक आयकर विभाग ने करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य का लगभग साढ़े तीन किलो सोना और 35 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। यह बरामदगी जोधपुर के शास्त्री नगर, मंडोर मंडी, बोरानाडा, न्यू पावर हाउस रोड और भीतरी शहर स्थित घनश्याम सोनी के आवास सहित कुल पांच ठिकानों से की गई है। पिछले तीन दिनों से इन सभी परिसरों को पूरी तरह पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश अथवा अंदर से बाहर जाने पर सख्त पाबंदी है।

 

आयकर विभाग की टीम अब बरामद सोने की खरीद से जुड़े बिलों और नकदी के वैध स्रोतों की गहन पड़ताल कर रही है। साथ ही, सोनी परिवार के बैंक खातों और लॉकरों की भी बारीकी से जांच की जा रही है, जिससे आय और संपत्ति के वास्तविक स्रोतों का खुलासा किया जा सके।

 

डिजिटल डेटा की फॉरेंसिक जांच इस कार्रवाई का प्रमुख केंद्र बिंदु बनी हुई है। छापेमारी के दौरान जब्त किए गए लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव की क्लोनिंग कर डिलीट किए गए डेटा को रिकवर किया जा रहा है। आयकर अधिकारियों को आशंका है कि टैक्स चोरी से जुड़े कई अहम लेन-देन डिजिटल माध्यमों में कोड वर्ड और गुप्त फोल्डरों में छिपाए गए हैं।

 

जांच के दौरान बटर (मक्खन) की सप्लाई से जुड़ा मामला भी सामने आया है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि कानपुर और अन्य राज्यों में की गई सप्लाई में कितनी बोगस बिलिंग की गई और टैक्स बचाने के लिए किस तरह ‘कच्ची पर्चियों’ के जरिए हिसाब-किताब रखा गया। आयकर विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में इस कार्रवाई से कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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