राजस्थान में खेलों का ‘स्वर्ण युग’ शुरू: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा रोडमैप

Edited By Sourabh Dubey, Updated: 01 Apr, 2026 07:05 PM

rajasthan sports golden era bhajanlal sharma youth sports policy 2026

राजस्थान में खेलों को लेकर एक नए दौर की शुरुआत होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने युवा शक्ति और खेल प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी रोडमैप तैयार किया है।

जयपुर। राजस्थान में खेलों को लेकर एक नए दौर की शुरुआत होती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने युवा शक्ति और खेल प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने के लिए एक व्यापक और दूरदर्शी रोडमैप तैयार किया है।

वर्ष 2025-26 के दौरान राज्य सरकार ने खेलों के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के सफल आयोजन ने राजस्थान की प्रबंधन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट्स’ नीति को पूरे प्रदेश में लागू कर स्थानीय खिलाड़ियों को उनके क्षेत्र में ही बेहतर अवसर देने की पहल की गई।

सरकार ने ‘युवा नीति-2026’ और ‘फिट राजस्थान’ अभियान के माध्यम से आम जनता को स्वास्थ्य और खेलों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया है। खिलाड़ियों के लिए बीमा योजना और आर्थिक सहायता जैसी पहल ने उन्हें सुरक्षित भविष्य का भरोसा दिया है।

आगामी वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने खेल बजट में बड़ा इजाफा करते हुए 271 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि का उपयोग खेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण में किया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश में 23 नए स्टेडियमों का निर्माण और 15 स्टेडियमों का अपग्रेडेशन किया जाएगा।

खेल शिक्षा को मजबूत करने के लिए ‘महाराणा प्रताप खेल विश्वविद्यालय’ की स्थापना की जा रही है, जबकि उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फिजिकल रिहैब सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही सिंथेटिक ट्रैक और मल्टीपर्पज इंडोर हॉल्स की संख्या में भी वृद्धि होगी, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिल सकें।

सरकार की योजना केवल इंफ्रास्ट्रक्चर तक सीमित नहीं है। ‘खेलो राजस्थान यूथ गेम्स’, ‘टैलेंट हंट’ और ‘टारगेट ओलंपिक पोडियम योजना’ के जरिए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, सीकर सहित विभिन्न जिलों में ‘युवा साथी केंद्रों’ का विस्तार कर सुविधाओं का विकेंद्रीकरण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

यह समग्र रणनीति न केवल राजस्थान की खेल संस्कृति को नई दिशा देगी, बल्कि आने वाले वर्षों में राज्य को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!