Edited By Payal Choudhary, Updated: 11 Apr, 2026 02:36 PM

राजस्थान की राजधानी जयपुर और झुंझुनूं में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के एक इंजीनियर और दलाल को 33 लाख रुपए की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के...
राजस्थान की राजधानी जयपुर और झुंझुनूं में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के एक इंजीनियर और दलाल को 33 लाख रुपए की रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत की गई, जिसने सरकारी तंत्र में हलचल मचा दी है।
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने शुक्रवार रात करीब 8 बजे जयपुर के चौमूं पुलिया के पास ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां दलाल याकूब अली को 33 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
इसी के समानांतर, झुंझुनूं में दूसरी टीम ने PWD के एक्सईएन राकेश कुमार को उसके घर से हिरासत में ले लिया। जांच में सामने आया कि दलाल याकूब अली यह रकम राकेश कुमार तक पहुंचाने वाला था।
ACB के एडिशनल एसपी संदीप सारस्वत ने बताया कि झुंझुनूं के बग्गड़ क्षेत्र में एक स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। इस परियोजना में रोड अलाइनमेंट के सर्वे और डिजाइन का काम एक निजी कंपनी को सौंपा गया था।
मामले में शिकायतकर्ता की खातेदारी जमीन को सड़क निर्माण में शामिल कर लिया गया था। बाद में उसे यह कहकर झांसा दिया गया कि यदि वह रिश्वत दे तो उसकी जमीन को सड़क से बाहर कर दिया जाएगा। इसी काम के लिए 33 लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी।
योजना के तहत शिकायतकर्ता रिश्वत की रकम लेकर चौमूं पुलिया पहुंचा, जहां दलाल याकूब अपनी गाड़ी से उतरकर उसकी कार में बैठ गया। एसीबी के निर्देशानुसार जैसे ही शिकायतकर्ता ने रकम सौंपी और कार का इंडिकेटर जलाकर संकेत दिया, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए याकूब को मौके पर ही पकड़ लिया।
जांच में सामने आया कि याकूब अली जयपुर के चित्रकूट इलाके में स्थित अपने कार्यालय से रिश्वत की रकम लेकर झुंझुनूं के चिड़ावा जाने की तैयारी में था, जहां यह रकम XEN राकेश कुमार को दी जानी थी।
एसीबी की टीम ने पहले से तय योजना के अनुसार झुंझुनूं में भी कार्रवाई की और राकेश कुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि याकूब अली गजट नोटिफिकेशन में अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में शामिल है और झुंझुनूं जिले के किटाणा क्षेत्र का निवासी है।
इस पूरी कार्रवाई के बाद ACB ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि सरकारी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, जयपुर और झुंझुनूं में हुई यह ACB की कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश है कि किसी भी स्तर पर घूसखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।