Edited By Payal Choudhary, Updated: 08 Apr, 2026 04:23 PM

राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की तकनीकी कमजोरी सामने आई है। सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) समेत शहर के कई बड़े सरकारी अस्पतालों में सर्वर अचानक ठप हो जाने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस तकनीकी...
राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की तकनीकी कमजोरी सामने आई है। सवाई मानसिंह हॉस्पिटल (SMS) समेत शहर के कई बड़े सरकारी अस्पतालों में सर्वर अचानक ठप हो जाने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस तकनीकी खराबी के कारण ओपीडी पर्ची बनना, जांचों के बिल तैयार होना और भर्ती-डिस्चार्ज जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं पूरी तरह बाधित हो गईं।
जानकारी के अनुसार, SMS हॉस्पिटल में दोपहर करीब 12:20 बजे सर्वर अचानक बंद हो गया, जो काफी समय तक चालू नहीं हो पाया। इस दौरान अस्पताल की पूरी डिजिटल व्यवस्था ठप हो गई। यहां मरीजों की ओपीडी पर्ची बनाने से लेकर जांचों के बिल जनरेट करने तक का पूरा काम IHMS (इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम) के जरिए होता है। सर्वर बंद होने से यह सभी सेवाएं रुक गईं।
सर्वर ठप होने का सबसे ज्यादा असर रजिस्ट्रेशन काउंटर और जांच बिल काउंटरों पर देखने को मिला, जहां मरीजों और उनके परिजनों की लंबी कतारें लग गईं। धनवंतरी ओपीडी ब्लॉक में जांच बिल बनवाने के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। वहीं, दवाइयों के काउंटर और मां योजना रजिस्ट्रेशन काउंटर पर भी भारी भीड़ देखने को मिली।
इस समस्या से केवल SMS हॉस्पिटल ही नहीं, बल्कि जे.के. लोन हॉस्पिटल, सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय, जनाना हॉस्पिटल चांदपोल, जयपुरिया हॉस्पिटल, कांवटिया हॉस्पिटल और गणगौरी हॉस्पिटल सहित कई अन्य सरकारी अस्पताल भी प्रभावित रहे। इन सभी जगहों पर मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा और कई जरूरी काम समय पर नहीं हो सके।
अस्पताल में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों के अनुसार, सर्वर में तकनीकी खराबी कोई नई समस्या नहीं है। पिछले काफी समय से सर्वर के धीमे चलने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि सर्वर अचानक पूरी तरह बंद हो जाता है, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। इससे मरीजों को बार-बार परेशानी उठानी पड़ रही है।
सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाला यह सर्वर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DoIT) की मॉनिटरिंग में संचालित होता है। राज्यभर के अस्पतालों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने के उद्देश्य से IHMS पोर्टल विकसित किया गया है। लेकिन बार-बार आने वाली तकनीकी दिक्कतें इस सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रही हैं।
मरीजों और उनके परिजनों ने इस स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि पहले ही सरकारी अस्पतालों में भीड़ अधिक रहती है, ऐसे में सर्वर डाउन होने से स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। कई मरीजों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ा, जबकि कुछ को बिना इलाज के वापस लौटना पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर राज्य सरकार डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मजबूत बनाना चाहती है, तो सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करना और बैकअप सिस्टम को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, जयपुर के सरकारी अस्पतालों में सर्वर ठप होने की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण बिना मजबूत तकनीकी ढांचे के संभव है। जब तक इन तकनीकी खामियों को दूर नहीं किया जाएगा, तब तक मरीजों को इस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता रहेगा।