Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 27 Aug, 2025 06:05 PM

महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “सशक्त नारी, जिम्मेदारी हमारी” अभियान के अंतर्गत राजस्थान पुलिस विभाग और राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के संयुक्त सहयोग से एक दिवसीय आत्मरक्षा...
जयपुर । महिलाओं की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “सशक्त नारी, जिम्मेदारी हमारी” अभियान के अंतर्गत राजस्थान पुलिस विभाग और राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद (राजीविका) के संयुक्त सहयोग से एक दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं और सुरक्षा सखियां शामिल हुईं।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए सक्षम बनाना हैं। प्रशिक्षण में महिलाओं को रोजमर्रा की जिंदगी में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों जैसे अवांछित स्पर्श, और उत्पीड़न से बचाव के लिए आवश्यक तकनीकें सिखाई गईं। प्रशिक्षकों ने न केवल सैद्धांतिक जानकारी दी बल्कि व्यावहारिक अभ्यास भी कराया। कई प्रतिभागियों ने मंच पर आकर इन तकनीकों को आज़माया और आत्मरक्षा के महत्व को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव किया।
प्रशिक्षण के दौरान जयपुर पुलिस द्वारा राजकॉप ऐप का परिचय कराया गया। इस ऐप को महिलाओं के लिए 24x7 सुरक्षा कवच के रूप में प्रस्तुत किया गया। मंच पर एक प्रतिभागी महिला को बुलाकर लाइव डेमो कराया गया, जिसमें “नीड हेल्प” बटन दबाते ही कुछ ही मिनटों में पुलिस सहायता केंद्र से कॉल रिस्पॉन्स प्राप्त हुआ। इस सफल प्रदर्शन ने उपस्थित महिलाओं में आत्मविश्वास जगाया और सभी प्रतिभागियों ने ऐप डाउनलोड किया।
पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों ने महिला एवं बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों की जानकारी साझा की। वक्ताओं ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनी ढांचे तक सीमित नहीं है बल्कि सामुदायिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण से भी जुड़ी हुई है। कार्यक्रम ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाएँ जागरूक हों, आत्मनिर्भर बनें और कानून तथा तकनीक दोनों का लाभ उठाएं। कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं ने आत्मरक्षा तकनीकों और राजकॉप ऐप के डेमो की खुलकर सराहना की। प्रतिभागियों ने माना कि इस प्रकार की गतिविधियाँ न केवल आत्मविश्वास बढ़ाती हैं बल्कि समाज में सुरक्षा का वातावरण भी बनाती हैं।
राजस्थान पुलिस और राजीविका द्वारा इस प्रकार के आत्मरक्षा और जेंडर जागरूकता कार्यक्रम पूरे राज्य में नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। आने वाले महीनों में विभिन्न जिलों में इसी तरह की कार्यशालाएं और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की योजना है। इसका उद्देश्य महिलाओं को कानूनी जानकारी, आत्मरक्षा तकनीक और डिजिटल सुरक्षा साधनों से लैस करना है ताकि हर महिला अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग हो सके।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर जयपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुनीता मीणा एंव राजीविका की प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रीति सिंह समेत कई गणमान्य अधिकारी उपस्थित रहे और प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया।