Edited By Anil Jangid, Updated: 12 Jan, 2026 07:00 PM

जयपुर। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजनों में शुमार जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल (JLF) अपने उन्नीसवें संस्करण के साथ 15 से 19 जनवरी 2026 तक एक बार फिर जयपुर में आयोजित होने जा रहा है। वेदांता द्वारा प्रस्तुत और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित इस...
जयपुर। दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित साहित्यिक आयोजनों में शुमार जयपुर लिटरेचर फ़ेस्टिवल (JLF) अपने उन्नीसवें संस्करण के साथ 15 से 19 जनवरी 2026 तक एक बार फिर जयपुर में आयोजित होने जा रहा है। वेदांता द्वारा प्रस्तुत और टीमवर्क आर्ट्स द्वारा निर्मित इस वैश्विक महोत्सव की प्रमुख झलकियाँ होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में साझा की गईं। इस वर्ष फ़ेस्टिवल का विशेष फोकस हिंदी भाषा, राजस्थानी साहित्यिक परंपराओं और क्षेत्रीय भारतीय आवाज़ों पर रहेगा।
JLF 2026 में भारत और दुनिया भर से लेखक, विचारक, कलाकार, नीति-निर्माता और सांस्कृतिक चिंतक शामिल होंगे। कार्यक्रम में जावेद अख़्तर, सुधा मूर्ति, स्टीफ़न फ़्राय, टिम बर्नर्स-ली, वीर दास, किरण देसाई, ऐन एप्पलबाउम, विश्वनाथन आनंद, डी.वाई. चंद्रचूड़ सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त वक्ता भाग लेंगे, जो इसे विचारों और संवाद का वैश्विक मंच बनाएंगे।
साहित्यिक उत्कृष्टता के सम्मान में महाकवि कन्हैयालाल सेठिया काव्य पुरस्कार 2026 की घोषणा भी की गई। यह पुरस्कार 17 जनवरी को एक लाख रुपये की नकद राशि और प्रशस्ति-पत्र के साथ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान राजस्थानी और हिंदी साहित्य की विरासत को जीवंत रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
JLF के साथ आयोजित होने वाला जयपुर बुकमार्क अपने 13वें संस्करण में मराठी भाषा, अनुवाद, प्रकाशन में एआई और नई कहानी कहने की विधाओं पर केंद्रित रहेगा। वहीं, जयपुर म्यूज़िक स्टेज और मॉर्निंग म्यूज़िक मंचों पर राजस्थानी लोक, शास्त्रीय और समकालीन संगीत की प्रस्तुतियाँ होंगी।
फ़ेस्टिवल का आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव भी उल्लेखनीय है। आयोजन के दौरान लगभग 2000 स्थानीय पेशेवरों, 60 से अधिक व्यवसायों और 55 से ज्यादा फ़ूड स्टॉल्स की भागीदारी रहती है, जिससे जयपुर की पर्यटन और आतिथ्य उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन मिलता है।
टीमवर्क आर्ट्स के एमडी संजॉय के. रॉय ने कहा कि JLF 2026 संवाद, सहानुभूति और साहित्य की परिवर्तनकारी शक्ति का उत्सव है, जबकि क्लार्क्स ग्रुप के एमडी अपूर्व कुमार ने इसे जयपुर की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बताया।