Edited By Anil Jangid, Updated: 07 Jan, 2026 04:39 PM

जयपुर। राजस्थान सरकार की नई ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन – ग्रामीण गारंटी अधिनियम 2025 (जी-राम-जी)’ को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा किया। सीएम ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार...
जयपुर। राजस्थान सरकार की नई ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन – ग्रामीण गारंटी अधिनियम 2025 (जी-राम-जी)’ को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को जयपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा खुलासा किया। सीएम ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती देने का एक ठोस प्रयास है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि मनरेगा को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान कमजोर प्रशासन और व्यापक भ्रष्टाचार के कारण यह अपने मूल उद्देश्य में पूरी तरह सफल नहीं हो सका। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य नहीं कराए गए, बल्कि केवल मस्टररोल आधारित काम हुए, जिनसे न तो गांवों को स्थायी संपत्ति मिली और न ही दीर्घकालीन सामाजिक-आर्थिक लाभ।
सीएम ने कहा कि मनरेगा के तहत अक्सर अस्थायी सड़कें, अधूरी जल संरचनाएं और बिना योजना के मिट्टी कार्य कराए गए। इन कार्यों का भविष्य में कोई उपयोग नहीं हुआ और सरकारी धन का सही इस्तेमाल नहीं हो पाया। इसके अलावा, जॉब कार्ड की सही जांच-पड़ताल नहीं होने से नकली और डुप्लीकेट जॉब कार्ड, फर्जी लाभार्थी, मनगढ़ंत हाजिरी रजिस्टर, श्रमिकों को आंशिक या पूरा भुगतान न मिलना जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आती रहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल ऑडिट केवल औपचारिकता बनकर रह गया था या कई जगह तो हुआ ही नहीं। इसका खामियाजा सबसे ज्यादा गरीब और वास्तविक श्रमिकों को भुगतना पड़ा, जिन्हें योजना का पूरा लाभ नहीं मिल सका।
इन्हीं खामियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार जी-राम-जी योजना 2025 लेकर आई है। सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत रोजगार सृजन को गांव की विकास योजनाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि बनाए गए कार्य स्थायी हों और उनका आर्थिक व सामाजिक लाभ लंबे समय तक मिले। योजना में पारदर्शी निगरानी तंत्र, डिजिटल उपस्थिति, सख्त सामाजिक अंकेक्षण और जवाबदेही तय की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-राम-जी योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि जल संरक्षण, सड़क, कृषि और आधारभूत ढांचे को मजबूती मिलेगी। इससे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे और ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर राजस्थान मजबूती से आगे बढ़ेगा।