राजस्थान से बाहर भी मिलेगा मुफ्त इलाज, आयुष्मान आरोग्य योजना से देश के नामी अस्पताल जुड़े

Edited By Anil Jangid, Updated: 04 Jan, 2026 01:10 PM

ayushman arogya yojana expands to top hospitals nationwide

जयपुर। राजस्थान के लाखों परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब प्रदेश के नागरिकों को राजस्थान से बाहर देश के नामी अस्पतालों में भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगी है। योजना के अंतर्गत अब तक...

जयपुर। राजस्थान के लाखों परिवारों के लिए राहत की बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत अब प्रदेश के नागरिकों को राजस्थान से बाहर देश के नामी अस्पतालों में भी निःशुल्क और कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने लगी है। योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश में 7,100 करोड़ रुपये से अधिक का कैशलेस उपचार किया जा चुका है, जबकि दूसरे राज्यों में भी 15 दिनों के भीतर करीब 350 मरीजों ने इस सुविधा का लाभ लिया है।

 

पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत 37 लाख से अधिक मरीजों को 7,100 करोड़ रुपये से ज्यादा का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है। इनमें करीब ढाई लाख ऐसे गंभीर रोगी शामिल हैं, जो जीवन और मृत्यु से संघर्ष कर रहे थे। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत राजस्थान के 1.36 करोड़ पात्र परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार दिया जा रहा है। योजना में लगभग 2,200 प्रकार के उपचार पैकेज शामिल हैं, जिनमें सामान्य बीमारियों से लेकर कैंसर, हृदय रोग, किडनी रोग और अंग प्रत्यारोपण जैसी महंगी और गंभीर बीमारियों का इलाज भी शामिल है।

 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की घोषणा के बाद योजना का दायरा और बढ़ा है। अब देशभर के 30 हजार से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना के नेटवर्क में शामिल हो चुके हैं। इससे राजस्थान के नागरिकों को प्रदेश के बाहर भी उच्च गुणवत्ता वाला इलाज मिल सकेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 19 दिसंबर से इंटर स्टेट आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी की सुविधा लागू कर दी है। इससे पहले इनबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत दूसरे राज्यों के मरीजों को राजस्थान में इलाज की सुविधा दी जा रही थी।

 

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि अब तक गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को मजबूरी में गुजरात, दिल्ली जैसे राज्यों में जाना पड़ता था, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता था। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब राजस्थान के पात्र परिवार प्रदेश के बाहर एम्पैनल्ड अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज करवा सकेंगे।

 

इस योजना के तहत तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा उपलब्ध है। दिल्ली में 184, गुजरात में 2,067, हरियाणा में 1,366, मध्य प्रदेश में 1,622, महाराष्ट्र में 1,709, पंजाब में 823 और उत्तर प्रदेश में 6,182 अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें दिल्ली और भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनऊ का केजीएमयू, गुजरात का यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी और गुजरात कैंसर एंड रिसर्च सेंटर जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल शामिल हैं।

 

स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार यह योजना अब केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रही, बल्कि देशभर में प्रदेशवासियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत गारंटी बन चुकी है।

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