Edited By Anil Jangid, Updated: 07 Jan, 2026 02:09 PM

बाड़मेर। बाड़मेर के PHED ऑफिस में शिव MLA रविंद्र सिंह भाटी धरने पर बैठ गये हैं. भाटी अपने गृह क्षेत्र हरसानी में पानी की दिक्कत को लेकर धरने पर हैं. आपको बता दें कि आज इसी समस्या को लेकर मुख्य बाजार भी बंद है. वहीं महिलाओं ने भी हरसानी में प्रदर्शन...
बाड़मेर। बाड़मेर के PHED ऑफिस में शिव MLA रविंद्र सिंह भाटी धरने पर बैठ गये हैं. भाटी अपने गृह क्षेत्र हरसानी में पानी की दिक्कत को लेकर धरने पर हैं. आपको बता दें कि आज इसी समस्या को लेकर मुख्य बाजार भी बंद है. वहीं महिलाओं ने भी हरसानी में प्रदर्शन किया है.
समस्या को लेकर अधिकारियों से जब कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिला तो रविंद्र सिंह भाटी ने धरना शुरू कर दिया है. यहां ये जानना जरूरी है कि केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन, हर घर नल योजना बाड़मेर जिले की उप तहसील हरसानी में सवालों के घेरे में क्यों है?
विधायक रविंद्र सिंह भाटी के गांव क्षेत्र में ही योजना के विफल होने के आरोपों के बीच बुधवार को हरसानी पूरी तरह बंद रहा. ग्रामीणों ने पाइपलाइन कार्य में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन भी किया.
ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बिछाई गई पाइपलाइन स्वीकृत तकनीकी लेआउट के अनुसार नहीं डाली गई है. गुणवत्ता मानकों की अनदेखी के चलते कई जगह पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है. दबाव परीक्षण और तकनीकी जांच के बिना ही लाइन चालू कर दी गई, जिससे आज भी कई घरों तक नियमित पानी नहीं पहुंच रहा.
हरसानी बंद के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली. महिलाओं ने बताया कि योजना के बावजूद उन्हें पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने पूर्व में दिए गए शांतिपूर्ण धरनों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई.
ग्रामीणों ने उप-तहसीलदार हरसानी के माध्यम से जिला कलेक्टर बाड़मेर को ज्ञापन सौंपा और ज्ञापन में पूरे पाइपलाइन कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच, दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ ही कार्य को दोबारा स्वीकृत लेआउट के अनुसार गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराने की मांग की गई है.
वहीं, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी भी मामले को लेकर आक्रामक नजर आए. वे बाड़मेर जिला मुख्यालय स्थित जलदाय विभाग के कार्यालय में धरने पर बैठ गए. विधायक ने कहा कि जब उनके क्षेत्र में ही योजना विफल है, तो यह पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है.