Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 05 Apr, 2026 11:38 AM

जयपुर | क्यूसीएफआई जयपुर चैप्टर और मणिपाल यूनिवर्सिटी के सहयोग से काइज़ेन कॉन्क्लेव 2026 का भव्य आयोजन शनिवार को जयपुर में किया गया।
जयपुर | क्यूसीएफआई जयपुर चैप्टर और मणिपाल यूनिवर्सिटी के सहयोग से काइज़ेन कॉन्क्लेव 2026 का भव्य आयोजन शनिवार को जयपुर में किया गया। काइज़ेन कॉन्क्लेव, लोगों को सशक्त बनाना एवं प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि दिलीप इंडस्ट्रीज के सीईओ विनोद बैद, विशिष्ट अतिथि एएल पेपर्स हाउस के ओनर अबुल हसन रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता क्यूसीएफआई जयपुर चैप्टर के अध्यक्ष प्रो. मनोज मेश्राम ने की।
अपने उद्बोधन में प्रो.मनोज डी.मेश्राम ने कहा कि काइज़ेन निरंतर सुधार की वह प्रक्रिया है, जो संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में अग्रसर करती है। छोटे-छोटे बदलाव ही बड़े परिणामों की नींव रखते हैं। मुख्य अतिथि विनोद बैद ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि हर दिन किया गया छोटा सुधार ही दीर्घकालीन सफलता का आधार बनता है। काइज़ेन हमें निरंतर सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। शिक्षा और उद्योग का तालमेल ही भविष्य की सफलता का आधार है। काइज़ेन इस समन्वय को मजबूत करता है। उन्होंने औपचारिक रूप से कॉन्क्लेव का उद्घाटन भी किया। क्यूसीएफआई जयपुर चैप्टर के डॉ. विनोद यादव ने कॉन्क्लेव के बारे में जानकारी दी। चीफ जूरी प्रो. राजेश सोलंकी, डॉ. रमेश मित्तल और डॉ. अनिल शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
विशिष्ट अतिथि अबुल हसन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि काइज़ेन केवल कार्यप्रणाली नहीं, बल्कि एक सोच है, जिसने हमारे संगठन में अनुशासन, गुणवत्ता और निरंतर सुधार की संस्कृति स्थापित की है। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में हथकरघा मंत्रालय के पूर्व सहायक निदेशक शिव कुमार ने कहा कि हस्तशिल्प और उद्योग में काइज़ेन अपनाने से न केवल गुणवत्ता बढ़ती है, बल्कि कारीगरों का जीवन स्तर भी बेहतर होता है। विशिष्ट अतिथि क्यूएमकेएस लिमिटेड के अमित लुनिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुणवत्ता सुधार और नवाचार के बिना कोई भी संगठन प्रतिस्पर्धा में टिक नहीं सकता।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताएं, प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंत में विजेताओं को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों और आयोजकों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभात दीक्षित ने किया। डॉ. दिलीप सिंह शेखावत, डॉ. के.के. पांडेय, डॉ. शैलेन्द्र सिंह आदि भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।