भीलवाड़ा ने रचा भक्ति का इतिहास, श्री शिव महापुराण कथा सुनने उमड़ा आस्था का अपार सैलाब

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 09 Apr, 2026 02:42 PM

bhilwara creates history of devotion

मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा की भूमि पर पहली बार श्री महाशिवपुराण कथा का श्रवण कराने पहुंचे प्रख्यात कथावाचक ‘कुबेर भण्डारी’ पंडित प्रदीप मिश्रा

भीलवाड़ा। मेवाड़ की पावन धरा भीलवाड़ा की भूमि पर पहली बार श्री महाशिवपुराण कथा का श्रवण कराने पहुंचे प्रख्यात कथावाचक ‘कुबेर भण्डारी’ पंडित प्रदीप मिश्रा बुधवार दोपहर जब कथा के सूत्रधार संकटमोचन हनुमान मंदिर के महन्त बाबूगिरी महाराज के साथ कथास्थल मेडिसिटी ग्राउण्ड के मंच पर पहुंचे तो विशाल पांडाल ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ ओर हर हर महादेव के जयकारों से गूंजायमान हो उठा। व्यास पीठ पर बैठने से पूर्व पंडित मिश्रा ने भीलवाड़ा की धरा को नमन किया। कथा श्रवण करने के लिए पहले ही दिन आस्था, श्रद्धा व भक्ति से ओतप्रोत श्रद्धालुओं का ऐसा अपार जनसैलाब उमड़ा की 11 लाख वर्ग फीट के मैदान में साढ़े चार लाख फीट के डोम व पाइप पांडाल ही नहीं जहां तक नजर जाए केवल श्रद्धालु ही श्रद्धालु नजर आ रहे थे। गुरू वंदना के साथ प्रारंभ कथा में पहले दिन पंडित प्रदीप मिश्रा ने भीलवाड़ावासियों की भक्ति भावना की सराहना करने के साथ कथा सुनने आए श्रद्धालुओं को बेटियों को संस्कारवान, सामर्थ्यवान ओर बोल्ड बनाने की प्रेरणा भी दी। बेटी के साथ बहु को भी शिक्षित बनाने पर जोर देते हुए नारा दिया कि बहु पढ़ाओ-देश बचाओ। बहु पढ़ेगी तो परिवार की पीढ़िया भी योग्य बनेगी। उन्होंने कहा कि आजकल छोटी-छोटी बच्चियों के साथ जो कृत्य हो रहे है उन्हें देख भरोसा ही उठ जाता है। अब बेटियों को केवल शास्त्र पढ़ना, घर गृहस्थी के कार्य करना ही मत सिखाओं उन्हें खूब पढ़ाने के साथ डंडा, तलवार ओर गोली चलाना भी सिखाओ ताकि वह अपनी रक्षा के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहे ओर स्वयं ऐसा करने का सामर्थ्य रखे। बेटियों को इतना बलशाली ओर सामर्थ्यवान बनाओ की कोई उनकी तरफ निगाह उठाकर नहीं देख सके। भगवान शंकर शिव महापुराण में बताते है कि बेटी को अपनी रक्षा स्वयं करनी पड़ेगी दूसरों के भरोसे नहीं छोड़ सकते। पंडित मिश्रा ने कहा कि बेटी केवल दो ही घर पिता ओर पति के घर में सुरक्षित होती है इसके अलावा कहीं उन्हें सुरक्षित नहीं कहा जा सकता। उन्होंने शिव भक्ति की प्रेरणा देते हुए कहा कि शिव का भक्त कोई साधारण नहीं होता है उसकी वाणी, विचार, सांस हर जगह शिव समाया होता है क्योंकि एक लोटा जल सारी समस्याओं का हल। सनातन धर्म को मानने वाले के गले ओर मंदिर में रूद्राक्ष होना चाहिए। भगवान शिव को कहीं ढूंढने की जरूरत नहीं है सच्चे मन से अपने भीतर झांक कर देखो मिल जाएगा।

भगवान की जब इच्छा होती है तभी कथा होती है 
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि कथा के मुख्य आयोजक श्री संकटमोचन हनुमानजी महाराज है। संकटमोचन हनुमान मंदिर के महंत बाबूगिरी महाराज के प्रयासों से ये कथा हो रही है। कथा तभी होती है जब भगवान की इच्छा होती है। पिछले वर्ष कथा होनी थी सारी तैयारियां भी हो चुकी थी लेकिन कथा नहीं हो पाई क्योंकि बाबा की मर्जी नहीं थी। पिछली बार से ज्यादा हवा तो अभी दो दिन स ेचल रही फिर भी कथा हो रही क्योंकि ये तभी हो पाती जब भगवान की इच्छा होती है। कोई भी कथा सुनने तब तक नहीं आ सकता जब तक भगवान उसे नहीं बुलाए। जब भगवान की कृपा होती है तभी श्री शिव महापुराण कथा सुनने को मिलती है।

दमादम भोले शंकर जैसे भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु 
कथा के दौरान मंच से दमादम भोले शंकर, भोले आपकी कृपा से सब काम हो रहा है जैसे भजन गाए गए तो हजारों श्रद्धालु विशेषकर महिला भक्त अपने स्थानों पर खड़ा होकर झूमते रहे। पांडाल के अंदर हो या बाहर हर तरफ भक्ति से ओतप्रोत श्रद्धालु ऐसे भजनों की रसगंगा में डूबकी लगाते नजर आए। कथा के दौरान मंच से पंडित मिश्रा ने कुछ श्रद्धालुओं के पत्र पढ़े जिसमें बताया गया था कि उनकी समस्याओं का निदान किस तरह शिव भक्ति से हुआ। ऐसे श्रद्धालुओं को परिवार सहित मंच पर भी बुला पंडित मिश्रा ने अपने हाथों से बिल्व पत्र प्रदान किया। पत्र लिखने वाले इन श्रद्धालुओं में चित्तौड़गढ़ निवासी मंजू साहू, भीलवाड़ा निवासी मंजूकंवर पंवार, दिव्यांशी सोनी शामिल थे।

कथा विश्राम पर अतिथियों ने की आरती 
कथा के पहले दिन पंडित मिश्रा के कथा श्रवण कराने से पूर्व श्री शिव महापुराण कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि प्राणी मात्र की पीड़ा प्रभु भक्ति से दूर हो जाती है। ये मानव जीवन अनमोल है जिसे हमे श्रेष्ठ ओर सुंदर बनाने का अवसर ऐसे आयोजन देते है। उन्होंने बताया कि कथा पांडाल में 9 अप्रेल गुरूवार सुबह 8 बजे से 9.30 बजे तक जीतो की ओर से विश्व नवकार मंत्र दिवस पर सामूहिक नवकार मंत्र जाप का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाउ बागड़े भी शामिल होंगे। कथा के प्रारंभ में व्यास पीठ पर विराजित पंडित मिश्रा का अभिनंदन करने वालों में महन्त बाबूगिरी महाराज के साथ हाथीभाटा आश्रम के महंत संतदास महाराज, हरिशेवाधाम के मायाराम आदि शामिल थे। पहले दिन की कथा विश्राम पर व्यास पीठ की आरती करने वालों में विशिष्ट अतिथि भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशान्त मेवाड़ा, पूर्व मंत्री कालूलाल गुर्जर,जीतो के वाइस प्रेसीडेन्ट महावीरसिंह चौधरी एवं जीतो ग्रुप के सदस्य, राजेश संजय बाहेती, आज के जजमान रामप्रसाद बहेडिया,रामजीलाल गुर्जर, राजकुमार हिमांशु नागौरी, कैलाश सोनी, रमेशचंद्र मूंदड़ा, ललित सोमानी परिवार शामिल थे। आभार आयोजन समिति के कार्यकारी अध्यक्ष राधेश्याम सोमानी ने जताया। कथा समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील जागेटिया ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक होगी। कथा श्रवण करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए छाया,पानी सहित सभी जरूरी प्रबंध किए गए है।  

पंडित मिश्रा बोले कीमती आभूषण पहन कथा में मत आओ 
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने कहा कि हम यहां शिव के भरोसे आए है किसी ओर के नहीं इसलिए हमारे लिए भोलेनाथ ही सबसे कीमती है। अपने सोने चांदी के कीमती आभूषण घर ही छोड़ कर आए। गले में सोने का हार हुआ तो चोर की नजर होगी ओर गले में रूद्राक्ष हुआ तो शिव की नजर होगी।

वाहन पार्किंग व सुरक्षा के पुख्ता इन्तजाम 
कथा स्थल पर कथा आयोजन समिति एवं पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। कथा सुनने आए श्रद्धालुओं के दुपहिया व चौपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए भी कथास्थल के चारों दिशाओं में पर्याप्त प्रबंध किए गए थे। कथा स्थल से सटे मार्गो पर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए पुलिस द्वारा कई जगह बैरिकेटिंग कर वन वे ट्रैफिक की भी व्यवस्था की गई।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!