Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 20 Jan, 2026 06:53 PM

जयपुर | अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत की एक दिवसीय बैठक जयपुर में संपन्न हुई।
जयपुर | अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत की एक दिवसीय बैठक जयपुर में संपन्न हुई। बैठक में विविध विभागों के 52 संगठनों के प्रतिनिधियों व महासंघ एकीकृत के 41 जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह चंपावत ने की। विशेष अतिथि प्रदेश संरक्षक गजेंद्र सिंह राठौड़, प्रदेश महामंत्री जागेश्वर शर्मा, प्रदेश सचिव बजरंग कुमार सोनी, रमेश उपाध्याय रहे ।
बैठक में प्रदेशाध्यक्ष चंपावत ने सभी विभागों के संगठनों के मांग पत्र लेकर खास मांगों पर चर्चा की उन्होंने कहा कि हमें लक्ष्य बनाकर कर्मचारी हितार्थ कार्य करना है प्रदेश के दूर दराज में नियुक्त कार्मिक के पीड़ा हमारी पीड़ा है हम राज्य हित में सरकार के योजनाओं को मेहनत व लगन से जन-जन तक पहुंचाते हैं लेकिन सरकार को कर्मचारी हितों ध्यान रखना जरूरी है।इसके लिए हम सरकार का ध्यान आकर्षित करते रहेंगे। सभी पदाधिकारी को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे, संगठन सदैव हर पीड़ित कर्मचारियों की आवाज बना है तथा संगठन ने सदैव कार्मिकों की बात सरकार तक पहुंचने में एक सेतु का काम किया है, संगठन सदैव पूरी दृढ़ता और प्रतिबद्धता के साथ कर्मचारियों की मांगों को सरकार के समक्ष रखकर उनका समाधान करवाने के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बैठक में प्राप्त सुझावों व मांगों के आधार पर निम्न 12 सूत्री मांग पत्र तैयार किया गया है जिसे सरकार को सौंपा जाएगा।
1.राजकीय सेवा में चार एसीपी 8, 16, 24 और 32 दिए जाएं।
2.लैब टेक्नीशियन के पदनाम संशोधन की अधिसूचना जारी की जाए एवं वेतन विसंगति सहित विभिन्न संवर्गों का वेतन विसंगतियों का निवारण।
3.संविदा, निविदा, पैरा टीचर,आशा सहयोगिनी ,कुक कम हेल्पर का नियमितीकरण किया जाए।
4.पेंशन योग्य सेवा 20 वर्ष की जाए ।
5.पारदर्शी स्थानांतरण नीति व बीएलओ पद पर भर्ती की जाए।
6.HRA/CCA की वसूली संबंधी आदेश प्रत्याहारित हो तथा शहरी क्षेत्र में आवंटित पदों को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए ।
7.शिक्षा , चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागों में लंबित पदोन्नतियों को यथा शीघ्र काउंसिलिंग द्वारा की जाए ताकि रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती हो सके।
8.प्रबोधकों की पुरानी सेवा की गणना, दूसरा पदोन्नति चरण व्याख्याता पद ।
9.पीएचएडी तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति व नई भर्ती
10.संस्कृत शिक्षा में प्रिंसिपल पदोन्नति भी की जाए।
11.कंप्यूटर अनुदेशक को शिक्षकों के समान माना जाये तथा अध्यापकों वाला पे मैट्रिक दिया जाये।
12. सरकारी संस्थाओं का निजीकरण रोका जाए
प्रदेश प्रवक्ता महेश सैनी ने कहा कि राष्ट्र हित में करेंगे काम, और काम का लेंगे पूरा दाम ।उन्होंने संगठन का विस्तार ब्लॉक स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। प्रदेश संरक्षक गजेंद्र सिंह राठौड़ ने संगठन की उपलब्धियां पर बधाई देते हुए संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने की बात रखी तथा सुझाव दिया कि वर्ष में दो बार प्रदेश स्तर की बैठक आयोजित की जाए। प्रदेश सचिव बजरंग सोनी ने एक प्रदेश स्तरीय सम्मेलन शीघ्र आयोजित करने तथा निष्क्रिय पदाधिकारी के स्थान पर युवा और ऊर्जावान सक्रिय साथियों को जिम्मेदारी सौंप जाने का सुझाव दिया। शिक्षक संघ एकीकृत के प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी ने भी संगठन मजबूती के लिए विचार रखें। बैठक में सभी जिला अध्यक्षों ने कर्मचारी हित में सुझाव रखें तथा वर्तमान प्रदेश का अध्यक्ष में अपना विश्वास व्यक्त किया